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इथियोपिया प्लेन क्रैश के बाद अमेरिकी बोइंग के खिलाफ उतरा पूरा विश्व...

इथियोपिया प्लेन क्रैश के बाद अमेरिकी बोइंग के खिलाफ उतरा पूरा विश्व...

रेनू तिवारी | Mar 13 2019 3:44PM

आजकल लगता हैं देश की सरकारें हादसो का इंतजार करती हैं, ये चलन सा हो गया है कि किसी भी खराब चीज़ को तब तक इस्तेमाल करना है जब तक वो किसी हादसे का शिकार न हो जाए। इथियोपिया में रविवार को हुए विमान हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बोइंग 737 मैक्स 8 (Boeing 737 MAX 8) विमानों पर रोक लगा दी जिसके बाद प्राइवेट एयरलाइंस स्पाइसजेट ने बुधवार को 14 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी। फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद यात्रियों में हलचल मच गई। आइये जानते है क्या हैं पूरा मामला-

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इथियोपिया प्लेन क्रैश

इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में... 10 मार्च- दिन रविवार, सुबह 8.44 बजे इथियोपियन बोइंग के 737 मैक्स की फ़्लाइट ET-302 ने इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से कीनिया के लिए उड़ान भरी। लेकिन ये प्लेन रास्ते में ही  क्रैश हो गया। इस हादसे में 149 यात्रियों और चालक दल के 8 सदस्यों समेत 157 लोगों की मौत हो गई थी। विमान कंपनी के मुताबिक़ इस फ़्लाइट में 33 देशों के लोग सवार थे। इस हादसे ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। हादसे के बाद भारत समेत करीब 50 देशों ने बोइंग 737 मैक्स विमानों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। 

बोइंग 737 की खूबियां

बोइंग 737 अमेरिकन कंपनी है जिसके विमानों की स्पलाई विश्व के अधिकतर देशों में की जाती है। बड़ी-बड़ी एयरलाइंस बोइंग 737 के विमानों का इस्तेमाल करते हैं। 737 की मूल रूप से 1964 में कल्पना की गई थी। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार बोइंग 737 मैक्स-8 विमान 2017 में विमानन बाजार में सामने आया था। बाजार में आते ही एयरलाइन्स कंपनियों के बीच ये विमान इतना लोकप्रिय हुआ कि शुरूआती छह महीनों में ही कंपनी को इसी मॉडल के 4000 विमानों के ऑर्डर मिल चुके थे। ये बोइंग का अब तक का सबसे तेजी से बिकने वाला (बेस्ट सेलिंग) विमान है। बोइंग 737-100 ने अप्रैल 1967 में अपनी पहली उड़ान भरी, और फरवरी 1968 में लुफ्थांसा में एयरलाइन सेवा में प्रवेश किया।

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बोइंग 737 मैक्स के टॉप चार मॉडल

आपको बता दें कि फिलहाल बोइंग 737 मैक्स के चार मॉडल हैं। 737 मैक्स 7, 737 मैक्स 8, 737 मैक्स 9 और 737 मैक्स 10, इसमे सबसे ज्यादा दूरी तय करने वाला 737 मैक्स 7 है इस मॉडल में 172 लोगों की बैठने की क्षमता है। यात्रियों को बिठाने की इसकी क्षमता कम है लेकिन यह सबसे ज्यादा 7,130 किलोमीटर तक का एक बार में सफर कर सकता है। 737 मैक्स 8 में 210 यात्री बैठ सकते हैं और यह 6,570 किलोमीटर का सफर कर सकता है। 737 मैक्स 9 में 220 सीटें हैं और 6,570 किलोमीटर तक सफर क्षमता है। 737 मैक्स 10 में 230 सीटें हैं और 6,110 किलोमीटर तक का सफर कर सकता है। अब बोइंग 737 के विमानों कि खासियत बताई जाए तो 737 मैक्स में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे प्लेन कम इंधन पीता हैं और लंबी दूरी तय करता हैं। तकनीक का प्रयोग इस तरह भी किया गया है जब प्लेन उड़ान भरता है तो बोइंग 737 की फ्लाइट के यात्रियों को कम झटके महसूस होते हैं। 

बोइंग 737 की खामियां

बोइंग 737 की टेक्नॉलोजी के मायने से तो अच्छी हैं लेकिन इसके साथ- साथ कई खामियां भी है। बोइंग में कई तरह के इंजन, सॉफ्टवेयर में समस्या है जिसका इलाज अभी पूरी तरह से नहीं किया गया है। इंजन, सॉफ्टवेयर में प्रोबलम के कारण ये विमान आसानी से दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है क्योंकि इस विमान की रफ्तार चलते-चलते अचानक कम हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए बोइंग ने MCAS नाम का एक सॉफ्टवेयर इसमें लगाया है। लेकिन इस सॉफ्टवेयर में भी दिक्कत है और कई बार गलत निर्देश देता है। दुनिया भर में मुठ्ठी भर पायलटों को ही बी737 मैक्स के सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण दिया गया है। पायलटों की बड़ी संख्या ऐसी है जिनको प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। बीते करीब पांच महीने में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दूसरी बार हादसे का शिकार हुआ है। पिछले साल अक्टूबर में लायन एयरलाइन का इसी श्रृंखला एक विमान इंडोनेशिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

इसे भी पढ़ें: सिंगापुर ने अपने हवाईक्षेत्र में बोइंग 737 मैक्स के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया

इसके चलते कई विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके है। लेकिन हाल ही में हुए इथियोपिया प्लेन क्रैश ने इस बोइंग कंपनी के खिलाफ सख्त कार्यवाई करने पर विवश कर दिया है। इसके खिलाफ दुनिया के लगभग 50 से ज्यादा देशों ने इस बोइंग को बेन कर दिया है। 

भारत ने बोइंग 737 मैक्स 8 को किया प्रतिबंधित

बोइंग 737 मैक्स विमानों के परिचालन पर रोक लगाने वाले देशों की सूची में अब ब्रिटेन ऑस्ट्रेलिया,अर्जेंटीना के बाद अब भारत भी शामिल हो गया है। भारत के नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बोइंग 737-मैक्स विमानों को तुरंत जमीन पर उतारने का फैसला किया है। डीजीसीए ने कहा है कि जब तक विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए सुरक्षा उपाय नहीं किया जाता हम इस पर रोक जारी रखेगें। भारत में स्पाइस जेट के पास करीब 12 ऐसे विमान हैं, जबकि जेट एयरवेज के पास ऐसे पांच विमान हैं। 

50 से अधिक देशों ने बैन की बोइंग 737 मैक्स 8 विमानों की उड़ान

यूरोपीय संघ और कई देशों ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र में 737 मैक्स 8 के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस विमान के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश नीदरलैंड है। इसके अलावा ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने भी बोइंग 737 मैक्स 8 के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है। तुर्की की एयरलाइन ने भी ऐलान किया है कि कुछ स्पष्टताएं आने तक वह इन विमानों का परिचालन नहीं करेगी। वहीं नार्वे की एयर शटल एयरलाइन, दक्षिण कोरिया की ईस्टर जेट, दक्षिण अफ्रीका की कॉमैर ने भी इन विमानों से परिचालन नहीं करने का ऐलान किया है। सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अर्जेंटीना और ओमान ने भी बोइंग 737 मैक्स विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन ने घरेलू एयरलाइनों को सोमवार से ही इस विमान का परिचालन रोकने का आदेश दिया था> वहीं, इंडोनेशिया ने भी ऐसा ही किया है।

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