भारत की वेस्टइंडीज पर एकतरफ़ा जीत, कोहली-भुवनेश्वर चमके

भारत की वेस्टइंडीज पर एकतरफ़ा जीत, कोहली-भुवनेश्वर चमके

nidhi@prabhasakshi.com | Aug 12 2019 10:16AM

पोर्ट आफ स्पेन। कप्तान विराट कोहली के शानदार शतक के बाद भुवनेश्वर कुमार के चार विकेट की बदौलत भारत ने वर्षा से प्रभावित दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में वेस्टइंडीज को डकवर्थ लुईस पद्धति के तहत 59 रन से हराकर कैरेबियाई दौरे पर अपना अजेय अभियान जारी रखा। रविवार को दर्ज की गई इस जीत की बदौलत भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है। दोनों टीमों के बीच पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। तीसरा और अंतिम एकदिवसीय मैच बुधवार को इसी मैदान पर खेल जाएगा।

टास जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे भारत ने कोहली की 125 गेंद पर 14 चौकों और एक छक्के की मदद से 120 रन की पारी से सात विकेट पर 279 रन बनाए। यह वनडे में उनका 42वां शतक है। उन्होंने इस बीच श्रेयस अय्यर (68 गेंदों पर 71) के साथ चौथे विकेट के लिये 125 रन की साझेदारी की। वेस्टइंडीज ने अंतिम दस ओवर में वापसी की और इस बीच केवल 67 रन दिये और चार विकेट लिये। उसकी तरफ से कार्लोस ब्रेथवेट सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 53 रन देकर तीन विकेट लिये। मैच में दूसरी बार बारिश का खलल पड़ने के बाद वेस्टइंडरीज को डकवर्थ लुईस पद्धति के तहत 46 ओवर में 270 रन का लक्ष्य मिला। 
वेस्टइंडीज की टीम इसके जवाब में एक समय चार विकेट पर 148 रन बनाकर अच्छी स्थिति में दिख रही थी लेकिन मेजबान टीम ने अंतिम छह विकेट 62 रन पर गंवा दिए और पूरी टीम 42 ओवर में 210 रन पर ढेर हो गई। भारत की ओर से भुवनेश्वर कुमार ने 31 रन देकर चार विकेट चटकाए जबकि मोहम्मद शमी (39 रन पर दो विकेट) और कुलदीप यादव (59 रन पर दो विकेट) ने दो-दो विकेट हासिल किए। लक्ष्य का पीछा करने उतरे वेस्टइंडीज ने सतर्क शुरुआत की। क्रिस गेल और एविन लुईस (65) ने पहले विकेट के लिए 9.3 ओवर में 45 रन जोड़े। अपना 300वां मैच खेल रहे गेल इस पारी के दौरान महान बल्लेबाज ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले वेस्टइंडीज के बल्लेबाज बने। 
गेल को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए सात रन की दरकार थी और उन्होंने खलील अहमद के नौवें ओवर में एक रन के साथ इसे हासिल किया। गेल के नाम पर अब 10353 रन दर्ज हैं जबकि लारा ने 10348 रन बनाए थे। यह उपलब्धि हासिल करने के बाद हालांकि गेल भुवनेश्वर के पारी के 13वें ओवर में पगबाधा हो गए। उन्होंने 24 गेंद में सिर्फ 11 रन बनाए। वह इस मैच के दौरान सर्वाधिक वनडे खेलने वाले कैरेबियाई बल्लेबाज भी बने। शाई होप भी इसके बाद खलील की गेंद को विकेटों पर खेल गए। शिमरोन हेटमायर (18) अपनी संक्षिप्त पारी के दौरान प्रभावी दिखे लेकिन कुलदीप की गेंद पर शार्ट कवर पर कोहली को कैच दे बैठे। पैर में जकड़न के बावजूद लुईस ने अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने निकोलस पूरण (42) के साथ चौथे विकेट के लिए 56 रन जोड़े। कोहली ने कुलदीप की गेंद पर लुईस का एक हाथ से शानदार कैच लपकते हुए उनकी पारी का अंत किया। 
इसके बाद वेस्टइंडीज की पारी को सिमटने में अधिक देर नहीं लगी। पूरण, रोस्टन चेस (18) और केमार रोच (00) को भुवनेश्वर ने पवेलियन भेजा। शमी ने इसके बाद शेल्डन कोटरेल और ओशेन थामस को आउट करके भारत को जीत दिलाई। इससे पूर्व पहले ओवर में क्रीज पर उतरे कोहली शुरू से ही लय में दिखे। शिखर धवन (दो) की एक और नाकामी के बाद उन्होंने रोहित शर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिये 74 रन जोड़े। इसमें रोहित का योगदान 34 गेंदों पर 18 रन का रहा। कोहली ने इस बीच 19वां रन बनाते ही वेस्टइंडीज के खिलाफ सर्वाधिक व्यक्तिगत रन का रिकार्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकार्ड पाकिस्तान के जावेद मियांदाद (1930) के नाम पर था। कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी 34वीं पारी में 2000 रन भी पूरे करके अपने साथी रोहित का रिकार्ड तोड़ा जिन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 37 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था।
कोहली ने पिछली 11 पारियों का इंतजार खत्म करते हुए 112 गेंदों में अपना सैकड़ा पूरा किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उनका आठवां और कप्तान के रूप में छठा शतक है जो कि रिकार्ड है। अपनी पारी के दौरान सौरव गांगुली (11363) की रन संख्या पीछे छोड़ने वाले कोहली ने अपने पसंदीदा कवर ड्राइव से तो हमेशा की तरह रन बटोरे लेकिन उनका सबसे दर्शनीय शाट जेसन होल्डर पर आगे बढ़कर लगाया गया छक्का था। अय्यर ने मौके का पूरा फायदा उठाया और आत्मविश्वास से भरी पारी खेलकर चौथे नंबर पर अपना दावा मजबूत किया क्योंकि ऋषभ पंत (35 गेंदों पर 20) फिर से इस नंबर के साथ न्याय नहीं कर पाये। कोहली को जब दूसरे छोर से एक अदद साथी की तलाश थी तब अय्यर ने वही कमी पूरी की। उन्होंने 49 गेंदों पर अपने करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया।
कोहली को आखिर में ब्रेथवेट ने अपनी धीमी गेंद पर गच्चा दिया और भारतीय कप्तान ने लांग आफ पर आसान कैच थमाया जिससे स्कोर चार विकेट पर 226 रन हो गया। इसके बाद भारतीय टीम बाकी बचे 8.3 ओवर में 53 रन ही जोड़ पायी और इस बीच उसने तीन विकेट भी गंवाये। बीच में बारिश के व्यवधान के बाद जब खेल फिर शुरू हुआ तो अय्यर पर तेजी रन बनाने का दबाव दिखा और इसी प्रयास में उन्होंने होल्डर की गेंद के लाइन में आये बिना अपना विकेट गंवाया। उन्होंने अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया। भारत ने डेथ ओवरों में केदार जाधव (16) और भुवनेश्वर कुमार (एक) के भी विकेट गंवाये। रविंद्र जडेजा 16 और मोहम्मद शमी तीन रन बनाकर नाबाद रहे। 
इससे पहले धवन की खराब फार्म और बायें हाथ के तेज गेंदबाजों के सामने खराब प्रदर्शन जारी रहा। पारी के पहले ओवर में कोटरेल की गुडलेंथ गेंद लेकर उनके पैड से टकरायी लेकिन अंपायर निजेल लोंग ने उसे ठुकरा दिया। वेस्टइंडीज ने रिव्यू लिया और अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा। रोहित शुरू से रन बनाने के लिये जूझते रहे। ऐसे में उनका धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने ऑफ स्पिनर रोस्टन चेज की हवा में लहरा दी जिसे निकोलस पूरण ने दौड़ लगाकर कैच में बदला। पंत क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने के बावजूद ब्रेथवेट की गेंद पर बोल्ड हो गये। 
 

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