देश की राजधानी

देश की राजधानी "दिल्ली" के दिल पर किसका होगा राज!

अभिनय आकाश | May 8 2019 1:19PM
देश की राजधानी दिल्ली जिसने अपने हर दीवार, हर मिनार हर दरवाज़े हर मेहराब पर इतिहास को संजोया हुआ है। जिसकी हर ऐतिहासिक ईमारतें सैनानियों को ललचाती है तो नेताओं में सत्ता का ख्वाब भी जगाती है। जिस जमीं से देश के सुल्तान का संबोधन होता है। उसी दिल्ली के तख्त पर जनता किसे बिठाना चाहती है इसके लिए पूरे देश में चुनाव हो रहे हैं। लेकिन ख़ुद दिल्ली की जनता किस-किस को संसद भेजना चाहती है और दिल्ली के दिल में क्या है? ये एक बड़ा सवाल है। 12 मई को छठे चरण का मतदान होना है। छठे चरण के रण में इस बार दिल्ली की जनता भी अपना फैसला सुनाने वाली है कि वो किसके साथ है। दिल्ली में कुल 164 उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं। जिन्होंने जनता के सामने अपने वादों-इरादों का पिटारा खोल दिया है। लेकिन असल मुकाबला तो सिर्फ तीन पार्टियों के बीच ही है। दिल्ली के चुनावी दंगल में इस बार राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी तो हैं ही खेल के मैदान में जलवा दिखा चुके खिलाड़ी भी ताल ठोक रहे हैं। कलाकार से सांसद बनने वाले नेता भी हैं तो संगीत के सुरों से सियासत को साधने वाले गायक भी हैं। दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर कौन है उम्मीदवार और कितनी कड़ी टक्कर किसे-किससे मिल रही है। साथ ही इस बार भाजपा सात सीटें फिर से जीतने में कामयाब हो पाएगी, या फिर कांग्रेस कोई चुनौती पेश कर पाएगी ये वो सवाल है जो हर किसी के जेहन में होगा। आइए जानते हैं दिल्ली की सातों सीटों का सियासी समीकरण। 
चांदनी चौक 
चांदनी चौक लोकसभा सीट 1956 में अस्तित्व में आयी। चांदनी चौक सीट की बात करें तो भाजपा ने एक बार फिर से हर्षवर्धन पर भरोसा जताया है। कांग्रेस के दो बार सांसद जेपी अग्रवाल मैदान में और आप ने पंकज गुप्ता पर भरोसा जताया है। इस सीट से विजय गोयल, सिकंदर बख्त, जेपी अग्रवाल और कपिल सिब्बल जैसे लोग संसद तक पहुंचे हैं। 2014 में यहां के लोगों ने डॉ. हर्षवर्धन को चुनकर संसद तक भेजा था। 2004 और 2009 में कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने जीत दर्ज की थी। 2014 में भाजपा के हर्षवर्धन ने मत लाकर जीता था मैदान। कांग्रेस इस चुनाव में तीसरे नंबर पर चली गयी थी। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में डॉ. हर्षवर्धन ने आम आदमी पार्टी आशुतोष को शिकस्त दी। इस चुनाव में डॉ. हर्षवर्धन को 4 लाख 37 हजार 938 वोट मिले। चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में 10 विधानसभा क्षेत्र आदर्श नगर, शालीमार बाग, शकूर बस्ती, त्रिनगर, वजीरपुर, मॉडल टाउन, सदरबाजार, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान हैं। चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 10 विधानसभा सीटों में से सभी सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की है। चांदनी चौक लोकसभा में कुल 15 लाख 7 हजार 783 वोटर्स हैं, जिसमें 8 लाख 20 हजार 442 पुरुष और 6 लाख 87 हजार 341 महिला वोटर्स हैं। इस सीट पर प्रमुख मुद्दे- 70-80% वोटर कारोबारी वर्ग के हैं। सीलिंग, जीएसटी प्रमुख मुद्दे। बनिया फैक्टर का इस सीट पर दबदबा है।
 
पश्चिमी दिल्ली
इस सीट पर भाजपा ने एक बार फिर प्रवेश वर्मा को टिकट दिया है वहीं बिहार के भूमिहार महाबल मिश्रा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में तो आप ने बलवीर जाखड़ को मैदान में उतारा है। 2008 में दक्षिणी-बाहरी दिल्ली के इलाकों को मिलाकर बनी थी यह सीट। 2009 में इस सीट से कांग्रेस के महाबल मिश्रा सांसद बने थे। साल 2014 में प्रवेश वर्मा सांसद चुने गए थे। इस चुनाव में प्रवेश वर्मा को 6 लाख 51 हजार 395 वोट मिले। पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में 10 विधानसभा क्षेत्र- मादीपुर, राजौरी गार्डन, हरि नगर, तिलक नगर, जनकपुरी, विकासपुरी, उत्तम नगर, द्वारका, मटियाला, नजफ़गढ़ शामिल है। स्थानीय आबादी के साथ बड़ी संख्या में यहां प्रवासी आबादी भी है, इसमें बड़ी संख्या में सिख और पूर्वांचल के वोटर शामिल हैं। पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की चाबी पंजाबी, जाट और पूर्वांचली वोटरों के हाथ में है। पश्चिमी दिल्ली लोकसभा में कुल 22 लाख 83 हजार 909 वोटर्स हैं, जिसमें 12 लाख 34 हजार 480 पुरुष और 10 लाख 49 हजार 357 महिला वोटर्स हैं।
उत्तर पूर्वी दिल्ली
राजधानी दिल्ली की सबसे हाट सीट उत्तर पूर्वी लोकसभा जहां से भाजपा के सांसद मनोज तिवारी एक बार फिर से चुनावी मैदान में हैं तो वहीं तीन बार दिल्ली की सीएम रहीं शीला दीक्षित और आम आदमी पार्टी के दिलीप पांडे की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। इस सीट की सबसे खास बात यह है कि तीनों ही उम्मीदवार ब्राह्मण है और तीनों ही मूल रुप से दिल्ली के नहीं हैं। साल 2014 के लोकसभा के चुनाव में मनोज तिवारी को 5 लाख 96 हजार 125 वोट मिले थे। उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 10 विधानसभा- सीमापुरी, गोकलपुरी, घोंडा, सीलमपुर, रोहतास नगर, बाबरपुर, करावल नगर, बुराड़ी, तिमारपुर, मुस्तफाबाद सीट आती हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा में कुल 22 लाख 18 हजार 128 वोटर्स हैं, जिसमें 12 लाख 16 हजार 799 पुरुष और 10 लाख 1 हजार 249 महिला वोटर्स हैं। 
 
उत्तर पश्चिम दिल्ली 
उत्तर पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट जिसपर उम्मीदवार तय करने के लिए भाजपा को नामांकन की आखिरी तारीख तक का इंतजार करना पड़ा और फिर इस सुरक्षित सीट से वर्तमान सांसद उदित राज का टिकट काटकर गायक हंसराज हंस को टिकट दिया गया जबकि कांग्रेस ने राजेश लिलोथिया और आप ने गुगन सिंह को प्रत्याशी बनाया है। उत्तर पश्चिम दिल्ली का अत्यधिक महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र 2008 में अस्तित्व में आया। यह लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 10 विधानसभा- नरेला, बदली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किरारी, सुल्तान पुर मुजरा, नांगलोई जाट, रोहिणी, मंगोलपुरी क्षेत्र आते हैं। इस सीट के जातिय समीकरण को देखें तो सबसे ज्यादा 21 फीसदी दलित मतदाता हैं, 16 फीसदी जाट, 12 फीसदी ब्राह्मण, 10 फीसदी बनिया, 20 फीसदी ओबीसी और आठ फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा में कुल 23 लाख 18 हजार 516 वोटर्स हैं, जिसमें 12 लाख 75 हजार 4 पुरुष और 10 लाख 43 हजार 348 महिला वोटर्स हैं। 

दक्षिणी दिल्ली
दक्षिणी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से एक है। इस सीट से भाजपा की सुषमा स्वराज और मदन लाल खुराना जैसे लोकप्रिय नेता चुनकर संसद पहुंचते रहे हैं। दक्षिणी दिल्ली सीट से भाजपा के  रमेश बिधुड़ी के सामने आम आदमी पार्टी के राघव चड्डा हैं तो कांग्रेस ने इस सीट से बाक्सर विजेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में रमेश बिधूड़ी ने आम आदमी पार्टी कर्नल देविंदर सेहरावत को शिकस्त दी। इस चुनाव में रमेश बिधूड़ी को 4 लाख 97 हजार 980 वोट मिले। दिल्ली संसदीय क्षेत्र में 10 विधानसभा क्षेत्र हैं- बिजवासन, देवली, कालकाजी, पालम, अंबेडकर नगर, तुगलकाबाद, महरौली, संगम विहार, बदरपुर, छतरपुर शामिल हैं। दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में जाटों से ज्यादा गुर्जर मतदाता ही बताए जा रहे हैं।2014 के चुनाव के मुताबिक दक्षिणी दिल्ली लोकसभा में कुल 15 लाख 42 हजार 412 वोटर्स हैं, जिसमें 8 लाख 91 हजार 156 पुरुष और 6 लाख 51 हजार 256 महिला वोटर्स हैं।
 
नई दिल्ली 
देश की राजधानी क्षेत्र दिल्ली के 7 संसदीय क्षेत्रों में से एक नई दिल्ली लोकसभा सीट देश के सबसे बहुचर्चित लोकसभा क्षेत्रों में से एक है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और भाजपा के पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी जैसे दिग्‍गज राजनीतिक नेताओं के अलावा जगमोहन जैसे बड़े नेता नई दिल्ली सीट से सांसद रहे हैं। नई दिल्ली लोकसभा सीट पर नजर डालें तो राहुल के खिलाफ अवमानना की याचिका डालकर चर्चा में रहने वाली मीनाक्षी लेखी पर भाजपा ने फिर से भरोसा जताया तो कांग्रेस ने पूर्व खेल मंत्री अजय माकन को सियासी खेल में मात देने के लिए आगे कर दिया। आप की ओर से बृजेश गोयल पहले से ही घोषित प्रत्याशी थे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मीनाक्षी लेखी ने 4 लाख 53 हजार 350 वोट हासिल किए थे। इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 10 विधानसभा क्षेत्र आते हैं- करोलबाग, राजिंदर नगर, मालवीय नगर, पटेल नगर, नई दिल्‍ली, आरकेपुरम, मोती नगर, कस्‍तूरबा नगर, ग्रेटर कैलाश, दिल्‍ली कैंट आते हैं। नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 10 विधानसभा सीटों में सभी सीटों पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है। नई दिल्ली लोकसभा में कुल 14 लाख 89 हजार 260 वोटर्स हैं, जिसमें 9 लाख 69 हजार 812 वोट डाले गए।
 
पूर्वी दिल्ली 
सबसे दिलचस्प नजारा पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर देखने को मिलेगा जहां भाजपा ने वर्तमान सांसद महेश गिरि की बजाय क्रिकेटर गंभीर को अपना उम्मीदवार बनाया है। क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाले गौतम गंभीर का मुकाबला कांग्रेस से भाजपा और फिर कांग्रेस में घर वापसी करने वाले अरविंदर सिंह लवली और आम आदमी पार्टी की आतिशी से होगा। पिछले चुनावी आंकड़े पर नजर डालें तो साल 2014 लोकसभा चुनाव में महेश गिरी को 5 लाख 72 हजार 202 वोट मिले थे। लेकिन इस बार के मुकाबले में कभी आप प्रत्याशी के धर्म को लेकर राजनीति देखने को मिल रही है तो कभी गौतम गंभीर पर दो पहचान पत्र रखने के आरोप लग रहे हैं। एक तरफ आम आदमी पार्टी फिल्मी सितारे को अपने प्रचार में जमीन पर उतार रहे हैं जिसकी बानगी बीते दिनों अभिनेत्री स्वरा भास्कर के आतिशी के चुनाव प्रचार के दौरान देखने को मिली तो दूसरी तरफ गौतम गंभीर को विजयी बनाने के लिए यूपी के सीएम और फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने मंडावली में रैली करते हुए कांग्रेस और आप पर जमकर बरसे। पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 10 विधानसभा सीटें आती है- जंगपुरा, ओखला, त्रिलोकपुरी, कोंडली, पटपड़गंज, लक्ष्मीनगर, विश्वासनगर, कृष्णानगर, गांधीनगर, शाहदरा आती है। पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के जातीय समीकरण पर नजर डालें तो यहां सिख 4%, ब्राह्मण 12%, अनुसूचित जाति 15%, वैश्य 10%, पंजाबी 14%, मुस्लिम16%, गुर्जर 7%, पिछड़ा वर्ग 13% हैं। 2014 के चुनाव के मुताबिक पूर्वी दिल्ली लोकसभा में कुल 19 लाख 70 हजार 118 वोटर्स हैं, जिसमें 10 लाख 94 हजार 362 पुरुष और 8 लाख 75 हजार 656 महिला वोटर्स हैं।
 
दिल्ली के सात बड़े चुनावी मुद्दे
 
- सीलिंग अभियान
- अवैध कॉलोनियां
- कानून व्यवस्था
- यातायात व्यवस्था
- साफ पानी, सस्ती बिजली
- प्रदूषण, यमुना नदी की सफाई
- पूर्ण राज्य
 
दिल्ली में एक तरफ भाजपा क्लीन स्वीप कर फिर से एक बार मोदी सरकार के नारे के साथ दिल्ली के सल्तनत पर काबिज होना चाह रही है तो कांग्रेस अपनी खोयी हुई जमीन को फिर से दिल्ली के जरिये जिंदा करने की चाह लिए मैदान में है। पंजाब और गोवा में मनमाफिक सफलता न मिलने के बाद आम आदमी पार्टी भी अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले नई संभावना तलाश रही है। राजधानी के रणक्षेत्र में 12 मई को मतदान होना है। जिसके बाद ही पता चल सकेगा कि दिल्ली के दिल में क्या है और दिल्ली के जनता के दर्द का हमदर्द कौन बन पाता है।
 
- अभिनय आकाश
 

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