पंचतत्व में विलीन हुईं शीला दीक्षित, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्‍कार

पंचतत्व में विलीन हुईं शीला दीक्षित, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्‍कार

अंकित सिंह | Jul 21 2019 3:56PM

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पंचतत्व में विलीन हो गईं। दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर देश के गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहें। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देने के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। उनका पार्थिव शरीर रविवार को कांग्रेस मुख्यालय लाया गया। तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और राजधानी को आधुनिक रूप देने वाली वरिष्ठ कांग्रेस नेता का दिल का दौरा पड़ने के बाद यहां एक निजी अस्पताल में शनिवार दोपहर निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को जब निजामुद्दीन स्थित उनके आवास से पार्टी मुख्यालय लाया गया तो उनकी आखिरी झलक पाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की होने लगी।

 
कांच के ताबूत में उनका पार्थिव शरीर लेकर आ रहा ट्रक सड़क पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था क्योंकि सड़क समर्थकों से भरी पड़ी थी जो ‘जब तक सूरज चांद रहेगा शीला जी का नाम रहेगा’ के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अहमद पटेल और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा कमलनाथ समेत कई शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय में दीक्षित को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, दीक्षित के आवास पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। ज्यादातर लोग राष्ट्रीय राजधानी की मुख्यमंत्री के तौर पर 15 साल के उनके कार्यकाल के दौरान दीक्षित से जुड़े रहे थे।
दीक्षित की दोस्त एवं दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की पूर्व सदस्य अनास्तासिया गिल ने कहा कि वह कांग्रेस नेता को उनके मजबूत चरित्र और दृढ़ निश्चय के लिए याद रखेंगी। गिल ने कहा, ‘‘शीला हर किसी को बराबर मानती थीं और यह उनका दृढ़ निश्चय था कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों से लड़ीं।’’ कांग्रेस कार्यकर्ता विरेंद्र कुमार चौधरी ने चार साल पहले दीक्षित से अपनी मुलाकात को याद किया। चौधरी दिव्यांग हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे दीक्षित ने दिव्यांग लोगों को साइकिलें दीं और साथ ही साल 2008 में एक कॉलेज में उनकी बेटी के दाखिले में मदद की।
 
दिल्ली ने नम आंखों से दी अपनी पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का पूरे राजकीय सम्मान के साथ रविवार को निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के शीर्ष स्तर के नेता पूर्व मुख्यमंत्री के अंतिम संस्कार में मौजूद थे। इनके अलावा केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया,मंत्री सत्येंद्र जैन भी दीक्षित के अंतिम संस्कार में मौजूद थे। मूलसाधार बारिश की परवाह नहीं करते हुए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता वहां मौजूद थे। इससे पहले दीक्षित को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं दीक्षित एक मित्र और एक बड़ी बहन के समान थीं। उनका निधन कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी क्षति है।
 
भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दीक्षित को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। दीक्षित के पार्थिव शरीर को कांग्रेस मुख्यालय ले जाया गया जहांमनमोहन सिंह ,मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कमलनाथ समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।इसके बाद पार्थिव देह को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय ले जाया गया। वह अपने निधन से पहले तक प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रहीं। मित्रों और प्रशंसकों ने राष्ट्रीय राजधानी की मुख्यमंत्री के तौर पर 15 साल के उनके कार्यकाल के दौरान उनसे जुड़ी बातों को याद किया। दीक्षित की दोस्त एवं दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की पूर्व सदस्य अनास्तासिया गिल ने कहा कि वह कांग्रेस नेता को उनके मजबूत चरित्र और दृढ़ निश्चय के लिए याद रखेंगी। गिल ने कहा, ‘‘शीला हर किसी को बराबर मानती थीं और यह उनका दृढ़ निश्चय ही था कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों से लड़ सकीं।’’
 
कांग्रेस कार्यकर्ता विरेंद्र कुमार चौधरी ने चार साल पहले दीक्षित से अपनी मुलाकात को याद किया। चौधरी दिव्यांग हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे दीक्षित ने दिव्यांग जनों को साइकिलें दीं और साथ ही साल 2008 में एक कॉलेज में उनकी बेटी के दाखिले में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दीक्षित के आवास पर जा कर उन्हें श्रद्धांजलिअर्पित की। दिल्ली भाजपा प्रमुख मनोज तिवारी भी उनके साथ थे। गौरतलब है कि तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और राजधानी को आधुनिक रूप देने वाली वरिष्ठ कांग्रेस नेता का दिल का दौरा पड़ने के बाद यहां एक निजी अस्पताल में शनिवार दोपहर निधन हो गया था। 
 

 

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