भारत अगले 5 वर्ष में मालदीव के 1,000 सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने में करेगा मदद

भारत अगले 5 वर्ष में मालदीव के 1,000 सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने में करेगा मदद

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 9 2019 5:46PM

नयी दिल्ली। भारत के प्रमुख लोकसेवा प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) ने अगले पांच वर्षों में मालदीव के 1,000 लोकसेवकों को प्रशिक्षण देने में मदद के लिए मालदीव लोकसेवा आयोग के साथ समझौता किया है। रविवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार को मालदीव की राजधानी माले की यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

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समझौते के अनुसार, एनसीजीजी मालदीव लोकसेवा आयोग की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाने और उसके कार्यान्व्यन के लिए नोडल संस्थान होगा। बयान में कहा गया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोक प्रशासन, ई-गवर्नेंस, लोकनीति और सुशासन, सूचना प्रौद्योगिकी, तटीय इलाकों में मत्स्य पालन में सबसे अच्छी प्रक्रिया, कृषि आधारित प्रक्रियाएं, स्वयं सहायता समूहों की पहल, शहरी विकास और प्रशासन में योजना एवं आचार-विचार विषय शामिल होंगे।

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कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े सभी खर्चों का वहन करेगा। एनसीजीजी के महानिदेशक और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के सचिव के वी ईपन ने कहा कि एनसीजीजी ने अप्रैल में मालदीव के 28 लोकसेवकों को प्रशिक्षण दिया था और इसकी सफलता ने दोनों देशों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ईपन ने कहा कि साल 2019 में एनसीजीजी ने बांग्लादेश, म्यामां, गाम्बिया और मालदीव के लोकसेवकों के लिए सफलतापूर्वक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

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