Loksabha Chunav
स्वाद के चक्कर में आम का अधिक सेवन करेंगे तो उठाने पड़ेंगे ये नुकसान

स्वाद के चक्कर में आम का अधिक सेवन करेंगे तो उठाने पड़ेंगे ये नुकसान

मिताली जैन | May 15 2019 1:25PM
गर्मी का मौसम हो और व्यक्ति आम का सेवन न करे, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। कुछ लोग तो सालभर गर्मी का इंतजार महज इसलिए करते हैं ताकि वह फलों के राजा आम का रसीला स्वाद चख सके। वैसे तो आम सिर्फ स्वाद से ही भरपूर नहीं होता, बल्कि इसे खाने से स्वास्थ्य को भी लाभ प्राप्त होता है। लेकिन कहते हैं ना कि किसी भी चीज की अति क्षति का कारण बनती है। इसलिए अगर आप स्वाद के चक्कर में अधिक आम का सेवन करेंगे तो इससे आपको नुकसान ही उठाना पड़ेगा। तो चलिए जानते हैं आम खाने से सेहत को होने वाले कुछ नुकसान के बारे में−
भाजपा को जिताए
वजन का बढ़ना
आम में वैसे तो विटामिन सी पाया जाता है जो हेल्थ के लिए जरूरी है, लेकिन इसमें कैलोरी भी काफी मात्रा में होती है। एक मध्यम आकार के आम में लगभग 135 कैलोरी होती हैं। इसलिए अगर आप अपना वजन कम करने की फिराक में हैं तो आम को जरा सोच समझकर खाएं। कैलोरी की अधिकता के कारण इसके सेवन से वजन बढ़ने की संभावना रहती है। साथ ही आप इस बात पर भी गौर करें कि आप आम का सेवन किस समय कर रहे हैं। वैसे वर्कआउट से आधा घंटा पहले आम का सेवन करना काफी अच्छा रहेगा।
 
बढ़ाए ब्लड शुगर
जो लोग आम का सेवन काफी अधिक करते हैं, उनके रक्त में शर्कर का स्तर काफी बढ़ जाता है। दरअसल, आम में फ्रुक्टोज की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है। इसलिए आप आम का जितना अधिक सेवन करेंगे, फ्रुक्टोज की मात्रा भी उतनी ही अधिक होगी। और अधिक मात्रा में आम का सेवन करने से ब्लड शुगर की बीमारी होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। 
अपच की समस्या
अधिक मात्रा में आम का सेवन अपच की समस्या को जन्म देता है। खासतौर से, अगर आप कच्चे आमों का सेवन बड़ी संख्या में करेंगे तो इससे आपका पाचनतंत्र प्रभावित होगा और आपको अपच की परेशानी होगी।
 
गठिया का रोग
कुछ स्थिति में आम का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, गठिया, साइनसाइटिस आदि बीमारियों से पीडि़त लोगों को आम का सेवन कम से कम रखना चाहिए। आम के कच्चे, पके या जूस के सेवन से उनकी समस्या में वृद्धि हो सकती है।
 
मिताली जैन

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप


Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

भाजपा को जिताए
भाजपा को जिताए