कमजोर पटकथा के चलते प्रभावित नहीं कर पाती 'रांची डायरीज'

कमजोर पटकथा के चलते प्रभावित नहीं कर पाती 'रांची डायरीज'

प्रीटी | Oct 16 2017 2:39PM

इस सप्ताह प्रदर्शित फिल्म 'रांची डायरीज' की कहानी अभिनेता अनुपम खेर को इतनी पसंद आयी थी कि उन्होंने इस फिल्म का प्रोड्यूसर बनने का निर्णय लिया और फिल्म के प्रचार में भी महती भूमिका निभाई। लेकिन इसे निर्देशकीय खामी ही कहा जायेगा कि पटकथा इतनी कमजोर है कि फिल्म प्रभावित नहीं कर पाती। इस फिल्म के निर्देशक सात्विक मोहंती इससे पहले माय फ्रेंड पिंटो, मेरठिया गैंगस्टर्स आदि फिल्मों के साथ बतौर सहायक निर्देशक जुड़े रहे हैं।

फिल्म की कहानी रांची में रहने वाली गुड़िया (सौंदर्या) के इर्दगिर्द घूमती है। वह बहुत अच्छा गाती है और लोगों को भी लगता है कि वह बड़ी गायिका बनने का दमखम रखती है। उसका सपना पूरा करने के लिए उसके दोस्तों की मंडली पूरा साथ दे रही है। मोनू (हिमांश कोहली) और पिंकू (ताहा शाह) गुड़िया की हर तरह से मदद कर रहे हैं। मोनू और गुड़िया एक दूसरे को प्यार करते हैं। गुड़िया की जिंदगी में नया मोड़ तब आता है जब भ्रष्ट नेता भैया (अनुपम खेर) की कहानी में एंट्री होती है। फिल्म में बैंक लूट की वारदात को भी अलग अंदाज में फिल्माया गया है।
 
अभिनय के मामले में कहा जा सकता है कि गुड़िया के किरदार में सौदंर्या शर्मा जमीं भी हैं और काम भी उन्होंने शानदार किया है। अनुपम खेर का जवाब नहीं। तारा शाह का काम भी दर्शकों को पसंद आयेगा। ईमानदार पुलिस ऑफिसर के रोल में जिम्मी शेरगिल खूब जमे हैं और सतीश कौशिक भी प्रभावी रहे। फिल्म का गीत-संगीत ठीकठाक है। जहां तक कहानी की बात है तो उसमें ऐसा कुछ नहीं है जो दर्शकों ने इससे पहले नहीं देखा हो। हैरानी की बात है कि निर्देशक ने कहानी और पटकथा पर दो साल तक काम किया इसके बावजूद फिल्म का स्क्रीन प्ले कमजोर है।
 
कलाकार- हिमांश कोहली, जिम्मी शेरगिल, सौंदर्या शर्मा, ताहा शाह, सतीश कौशिक, अनुपम खेर और निर्देशक सात्विक मोहंती।
 
प्रीटी

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