फुकरे रिटर्न्स में वरुण शर्मा की कॉमेडी दर्शकों को पसंद आयेगी

फुकरे रिटर्न्स में वरुण शर्मा की कॉमेडी दर्शकों को पसंद आयेगी

प्रीटी | Dec 11 2017 2:23PM

इस सप्ताह प्रदर्शित फिल्म 'फुकरे रिटर्न्स' मनोरंजक लगेगी अगर आप तर्कों को परे रख कर फिल्म देखें। साथ ही इसकी पिछली फिल्म 'फुकरे' से तुलना नहीं करें। अकसर यही देखने में आता है कि जब किसी फिल्म का सीक्वेल बन रहा होता है तो निर्देशक से उम्मीदें बहुत बढ़ जाती हैं लेकिन सीक्वेल उतने सशक्त नहीं बन पाते जितनी पिछली फिल्में होती हैं। 'फुकरे रिटर्न्स' के साथ भी यही हुआ है। एक कमजोर कहानी को निर्देशक ने बॉलीवुड के चालू मसालों के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया है और फिल्म कई जगह पटरी से उतरती नजर आती है लेकिन फिर भी कुल मिलाकर फिल्म कुछ हद तक मनोरंजन करने में कामयाब रही है।

फिल्म की कहानी हनी (पुलकित सम्राट), चूचा (वरुण शर्मा), लाली (मनजोत सिंह), जफर (अली फजल) और लेडी डॉन भोली पंजाबन (रिचा चड्डा) के इर्दगिर्द घूमती है। पिछली फिल्म में अंत में दिखाया गया था कि दो दोस्तों हनी और चूचा की वजह से लेडी डॉन को जेल हो गयी थी। अब इस फिल्म में दिखाया गया है कि एक साल बाद लेडी डॉन जेल से बाहर आ चुकी है और दोनों दोस्तों से बदला लेना चाहती है। चूचा लेडी डॉन को प्यार करता है और उससे शादी कर घर बसाना चाहता है। उधर लाली को न चाहते हुए भी अपने पिता की हलवाई की दुकान संभालनी पड़ती है और जफर भी एक लड़की के चक्कर में पड़ा हुआ है। लेडी डॉन गैंग के लोग फुकरों को लेकर भोली के अड्डे पर आते हैं। यहां भोली इन सभी को खूब प्रताड़ित करती है। चूचा के पास एक वरदान है कि वह रात को जो सपना देखता है वह सच हो जाता है। अब वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर लेडी डॉन के गैंग को नुकसान पहुंचाने के लिए लाटरी खेलना शुरू करते हैं। चूचा पहले ही वह नंबर बता देता है जो कल निकलने वाला है इसलिए लोग इस टीम के कहने पर पैसा लगाने लग जाते हैं। इस सबसे लॉटरी के धंधे को चलाने वाले एक मंत्री को जब जबरदस्त नुकसान होने लगता है तो वह ऐसी चाल चलता है कि फुकरे फंस जाते हैं।
 
निर्देशक की एक बड़ी खामी यह रही कि उसने पात्रों के विकास पर काम नहीं किया। अभिनय के मामले में सब सामान्य रहे। बस पुलकित और वरुण की कैमेस्ट्री देखने लायक है। पंकज त्रिपाठी का काम भी दर्शकों को पसंद आयेगा। वरुण तो जब जब पर्दे पर आये दर्शकों को हंसा गये। पुलकित सम्राट सलमान खान की छवि में कैद हो गये लगते हैं। अली जफर और मनजोत सिंह सामान्य रहे। भोली पंजाबन के रोल में रिचा पिछली फिल्म में ज्यादा प्रभावी रही थीं। फिल्म का गीत संगीत सामान्य है। निर्देशक मृगदीप सिंह लांबा की यह फिल्म वैसे टाइमपास के लिए एक बार तो देखी ही जा सकती है।
 
कलाकार- रिचा चड्डा, पुलकित सम्राट, मनजोत सिंह, वरुण शर्मा, पकंज त्रिपाठी, अली फजल, विशाखा सिंह, प्रिया आनंद, निर्माता- रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और निर्देशक- मृगदीप सिंह लांबा।
 
- प्रीटी

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप


Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.