शादी करने की योजना है तो यहाँ जानें 2019 के शुभ विवाह मुहूर्त

शादी करने की योजना है तो यहाँ जानें 2019 के शुभ विवाह मुहूर्त

कमल सिंघी | Nov 24 2018 5:00PM
भोपाल। ग्यारस या एकादशी, जिसे देव उठनी ग्यारस के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू मान्यताओं और पुराणों में इस दिन का बहुत ही महत्व है सिर्फ देवों को जगाने के लिए नहीं, बल्कि विवाह मुहूर्त शुरु होने के लिए भी। यदि ग्रह नक्षत्रों में फेर ना हो तो हर साल इसी दिन से विवाह मुहूर्त प्रारंभ माने जाते हैं। विवाह मुहूर्त ना होने पर भी तुलसी विवाह के साथ ही अनेक जोड़ों का विवाह कर दिया जाता है। हिंदू परंपराओं में आमतौर पर विवाह शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है। आज हम आपको यहां विवाह के इन्हीं शुभ मुहूर्त या लग्न मुहूर्त 2019 के बारे में ही कुछ विशेष बातें बताने जा रहे हैं।
 
साल 2019 के लिए जानें विवाह मुहूर्त
 
जनवरी माह में 17 जनवरी 2019 से प्रारंभ होकर 18 व 23, 25,26 जनवरी सहित 29 जनवरी का दिन शुभ बताया जा रहा है। वहीं फरवरी माह में 1 से 10 फरवरी एवं इसके पश्चात् 15, 21, 23, 24,26 व 28 फरवरी अतिशुभ है। इसके अतिरिक्त मार्च माह में 2 मार्च के बाद 7 से 9 मार्च एवं 13 मार्च की तिथि भी बेहतर है। अप्रैल माह में 16 से लेकर 20 अप्रैल तक उत्तम है इसके पश्चात् 22 अप्रैल से प्रारंभ होकर 26 अप्रैल तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त है। इसी प्रकार 2 मई के बाद 6 से 8 मई एवं 12,14, 15, 17, 19, 21, 23, 28, 29 व 30 मई भी इस वर्ष अति उत्तम मानी जा रही है। जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर सहित पूरे साल ज्योतिष या विद्वान के परामर्श के अनुसार विवाह की प्रमुख तिथियां बतायी गई हैं।
 
विवाह के लिए शुभ नक्षत्र
 
शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह अति कल्याणकारी बताया गया है। विद्वानों के अनुसार इससे दांपत्य जीवन में खुशी आती है। सिर्फ तिथि ही नहीं शुभ नक्षत्र एवं दिन का भी उतना ही महत्व है। हस्त, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़, उत्तराभाद्रपद, स्वाति, मघा, मूल, अनुराधा, मृगशिरा, रेवती, रोहिणी विवाह के लिए शुभ नक्षत्र बताए गए हैं।
 
उत्तम माह भी बताए गए हैं अति आवश्यक
 
जिस प्रकार विवाह के लिए शुभ नक्षत्र बताए गए हैं उसी प्रकार विवाह के लिए शुभ माह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, मार्गशीर्ष उत्तम माने गए हैं। हालांकि प्रत्येक के साथ विशेषज्ञ का परामर्श व शुभ तिथि भी अति आवश्यक मानी गई है। इस संबंध में माना जाता है कि यदि शुभ तिथि या नक्षत्रों के अभाव में गठबंधन किया जाता है तो बुरे ग्रहों के प्रभाव में या जिस ग्रह नक्षत्र में विवाह संपन्न कराया जाता है उसके प्रभाव में दंपत्ति आ जाता है। और गृह कलह सहित विवाह विच्छेद की भी संभावनाएं बनने लगती हैं। दांपत्य जीवन में बंधन के लिए क्रूर ग्रह अच्छे नही माने गए हैं, जिसकी वजह से भी शुभ तिथि व नक्षत्रों को विशेष रूप से देखा जाता है।
 
-कमल सिंघी

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप


Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.