जन धन खाते अब नई सुविधा के साथ, जल्दी अपने बैंक से संपर्क कीजिये

जन धन खाते अब नई सुविधा के साथ, जल्दी अपने बैंक से संपर्क कीजिये

कमलेश पांडे | Sep 8 2018 2:35PM
यदि आपने प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक अपना बैंक खाता नहीं खुलवाया है तो अब और अधिक विलम्ब मत कीजिए। क्योंकि जन अनुकूल और गरीब अनुकूल पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बहुआयामी योजना के तहत लाभान्वित होने वाले लोगों की कतिपय सुविधाओं में तकरीबन दुगुना इजाफा करवाने के साथ साथ इसकी समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी है ताकि अभिवंचित लोग शीघ्रतापूर्वक इसका फायदा उठा सकें।
 
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गत दिनों आयोजित अपनी बैठक में वित्तीय समावेश के लिए राष्ट्रीय मिशन के रूप में बहुचर्चित प्रधानमंत्री जन धन योजना यानी पीएमजेडीवाई को कुछ विशेष परिवर्तनों के साथ जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इससे स्पष्ट है कि पीएमजेडीवाई जिसकी अवधि गत 14 अगस्‍त, 2018 को समाप्त हो चुकी थी, अब उसी दिन से पुनः प्रभावी हो चुकी है, क्योंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे हरी झंडी दे दी है।
 
मसलन, नए मसौदे के तहत जो मुख्य परिवर्तन किए गए हैं वो इस प्रकार हैं- पहला, पांच हजार रुपये की मौजूदा ओवर ड्राफ्ट सीमा बढ़ाकर दस हजार रुपये की गई है। दूसरा, दो हजार रुपये तक के ओवर ड्राफ्ट के लिए कोई शर्त नहीं होगी। तीसरा, ओडी सुविधा का लाभ उठाने के लिए आयु सीमा संशोधित करके 18-60 साल के बजाय 18-65 साल की जाएगी। चौथा, ‘हर परिवार से लेकर हर वयस्क व्‍यक्ति’ तक की विस्तारित कवरेज के तहत 28 अगस्‍त 2018 के बाद खोले गए नए पीएमजेडीवाई खातों के अंतर्गत नए रुपे कार्ड धारकों के लिए दुर्घटना बीमा कवर को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाएगा।
स्वाभाविक है कि अब जो खाते खुलेंगे, उसके लाभार्थियों को अधिक लाभ मिलेगा पहले के वनिस्पत।
 
इससे स्पष्ट है कि इस मिशन को जारी रखने के परिणामस्‍वरूप देश के सभी वयस्क व्‍यक्‍ति‍ और परिवार अन्य वित्तीय सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करने और 10,000 रुपये तक की ओवर ड्राफ्ट सुविधा के साथ कम से कम एक बुनियादी बैंक खाता खोलने में सक्षम हो जाएंगे। इससे उन्हें वित्तीय सेवाओं की मुख्यधारा में लाने के साथ-साथ सरकार की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं के लाभों को अधिक कुशलतापूर्वक हस्तांतरित करने में भी मदद मिलेगी।
 
आपको पता होना चाहिए कि पीएमजेडीवाई के तहत के केंद्र सरकार की निम्नलिखिल उपलब्धियां हैं जो प्रशंसनीय है- पहला, लगभग 32.41 करोड़ जन धन खातों को 81,200  करोड़ रुपये से भी अधिक की जमा राशि के साथ खोला गया है। दूसरा, 53 प्रतिशत महिला जन धन खाता धारक और 59 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण एवं अर्ध शहरी क्षेत्रों में हैं। तीसरा, 83 प्रतिशत से भी अधिक सक्रिय जन धन खातों (असम, मेघालय, जम्मू-कश्मीर राज्यों को छोड़कर) को ‘आधार’ से जोड़ दिया गया है। साथ ही, इन खाता धारकों को लगभग 24.4 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए गए हैं। तीसरा, 7.5 करोड़ से भी अधिक जन धन खातों में डीबीटी हो रहे हैं। चौथा, बैंकिंग कॉरस्‍पोंडेंट (बीसी) को 1.26 लाख उप सेवा क्षेत्रों (ग्रामीण क्षेत्र) में तैनात किया गया है जिनमें से प्रत्येक कॉरस्‍पोंडेंट 1000-1500 परिवारों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस प्रकार लगभग 13.16 करोड़ ‘आधार’ आधारित भुगतान प्रणाली (एईपीएस) लेन-देन जुलाई, 2018 के दौरान बीसी के जरिए किए गए हैं।
 
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत 13.98 करोड़ सदस्‍य बन चुके हैं। जबकि, अब तक 388.72 करोड़ रुपये की राशि वाले 19,436 दावों को निपटाया गया है। इसी तरह, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत 5.47 करोड़ सदस्‍य बन चुके हैं। इसके तहत अब तक 2206.28 करोड़ रुपये के 1.10 लाख दावों को निपटाया गया है। जबकि 1.11 करोड़ लोग अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के सदस्य बन चुके हैं।
 
गौरतलब है कि पीएमजेडीवाई के कार्यान्वयन के लिए एक पाइपलाइन बनाई गई है जिसके माध्यम से जन धन खातों और मोबाइल बैंकिंग को ‘आधार (जैम)’ से जोड़ दिया गया है। यह पाइपलाइन न केवल बचत, ऋण वितरण, सामाजिक सुरक्षा इत्यादि को सुविधाजनक बना रही है, बल्कि डीबीटी के माध्यम से देश के गरीब लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ का हस्‍तांतरण सुनिश्चित कर इससे भी अधिक महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक कर रही है।
 
इसके तहत 'हर परिवार से लेकर हर वयस्क व्यक्ति' तक का खाता खोलने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही प्रमुख वित्तीय समावेश कार्यक्रम (पीएमजेडीवाई) को जारी रखने का भी निर्णय लिया गया है। मालूम हो कि जनधन-आधार-मोबाइल (जैम) की पाइपलाइन इन गतिविधियों की कवरेज के लिए आवश्यक व्‍यवस्‍था या सुविधाएं सुलभ कराएगी और इस तरह डिजिटलीकृत, वित्तीय दृष्टि से समावेशी और बीमित समाज बनाने की गति में तेजी लाएगी।
 
बता दें कि लोगों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने, वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने और देश भर में हर परिवार को कम से कम एक बैंक खाता सुलभ कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त, 2014 को अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के नाम से ‘वित्तीय समावेश पर राष्ट्रीय मिशन’ की घोषणा की गई थी जो काफी लोकप्रिय हो चुकी है। प्रधानमंत्री द्वारा 28 अगस्त, 2014 को राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक रूप से इस योजना का शुभारंभ किया गया था। यह एक ऐसी योजना है जिससे गरीब लोगों को काफी लाभ मिला है। पीएम मोदी इसे समझ रहे हैं, इसलिए समयावधि के साथ साथ प्रदत्त सुविधाओं में भी लगभग दुगुना इजाफा करवा दिया है। तो अब विलम्ब किस बात की, बढ़िए नजदीकी बैंक की ओर और खुलवाइये जन धन खाता।
 
- कमलेश पांडे

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