प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना क्या है ? इसके तहत किनको और कैसे मिलेगी पेंशन ?

प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना क्या है ? इसके तहत किनको और कैसे मिलेगी पेंशन ?

कमलेश पांडे | Jul 19 2019 4:38PM
भारत एक कृषिप्रधान देश है। यहां की 80 फीसदी आबादी गांवों में निवास करती है, जिनका मुख्य पेशा खेती और उस पर आधारित काम-धंधे हैं। लेकिन यहां की खेती मानसून पर निर्भर है, जिसे एक प्रकार का जुआ भी करार दिया जाता है। इससे किसानों की किस्मत या बदकिस्मती का भी गहरा नाता है। इसलिए प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना डूबते को तिनके का सहारा है, जिसे पाकर किसान फूले नहीं समा रहे।
 
बेशक, कृषि के आधुनिकीकरण से किसानों के जीवन स्तर में बदलाव आया है, लेकिन लघु और सीमांत किसानों की बदहाली जस की तस कायम है। साल दर साल होने वाली उनकी आत्महत्या की हृदय विदारक खबरें भी किसी से छिपी हुई नहीं हैं क्योंकि अधिक लागत और कम आय भारतीय कृषि से सम्बद्ध किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। फलसफा यह कि खेती-किसानी से लोगों की अभिरुचि घट रही है। 
आलम यह है कि अन्नदाता किसान व उनके बच्चे रोजगार की तलाश में शहरों की ओर भाग रहे हैं, जिससे न केवल हरित क्रांति, श्वेत क्रांति और नीली क्रांति आदि के संजोए सपने तार तार हो रहे हैं, बल्कि उनकी अप्रत्याशित आमद से नगरों-महानगरों की समस्याएं भी सुरसा के मुख की भांति बढ़ रही हैं।
 
यही वजह है कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए और किसानों की आय दुगुना करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी दूसरी पारी की पहली कैबिनेट की बैठक में ही किसानों के लिए एक नई और आकर्षक पेंशन योजना की शुरुआत कर दी और उससे आम लोगों व गरीबों को भी जोड़ दिया है। 
 
बहरहाल, प्रधानमंत्री पेंशन योजना के तहत किसानों, आम लोगों और गरीब को 3000 रुपये की मासिक पेंशन देने की मंजूरी दी गई है, जिसे मोदी सरकार का किसानों को दिया गया बड़ा तोहफा करार दिया जा रहा है। क्योंकि इस योजना के तहत किसान की मृत्यु होने के बाद उसकी पत्नी को पेंशन का आधा पैसा मिलेगा। 
प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना की एक खास बात यह भी है कि इस योजना में किसान अपना जितना अंश देगा, उतना ही अंश सरकार भी देगी। बता दें कि भाजपा के आम चुनाव 2019 के संकल्प पत्र में भी ये वादा था, जिसे सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने पूरा कर दिया।
 
प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना देश भर के सभी छोटे और सीमांत किसानों के लिए स्वैच्छिक तथा अंशदायी पेंशन योजना है। इसके पहले चरण में सरकार 5 करोड़ किसानों तक पहुंचेगी। 18 से 40 वर्ष तक की आयु के किसान इस योजना से जुड़ सकेंगे। जिन्हें 60 वर्ष पूरा करने के पश्चात 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। 
 
केंद्र सरकार इस पेंशन फंड में भी उतनी ही राशि का योगदान करेगी जितनी सम्बन्धित किसान द्वारा दी जायेगी। इसमें 18 साल के किसान को 55 रुपया मासिक देना होगा और इतनी ही राशी सरकार भी देगी। लेकिन 29 वर्ष के किसान को 100 रुपया मासिक देना होगा। इसी प्रकार, 40 वर्ष की उम्र तक जैसे जैसे आयु बढ़ेगी, मासिक क़िस्त की राशि बढ़ती जाएगी। 
 
जो व्यक्ति जितनी किश्त अदा करेगा, सरकार द्वारा भी उतनी ही राशि उसके खाते में जमा करवाई जाएगी। हां, अगर लाभ पाने वाले व्यक्ति की मौत हो गई, तो उसके पति/पत्नी को 50 प्रतिशत रकम मिलती रहेगी। 
 
इस योजना की एक खास बात यह भी है कि किसान इस योजना में अपना मासिक योगदान सीधे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए दिए गए लाभों से भी ले सकते हैं। इस योजना का लक्ष्य पहले 3 सालों में न्यूनतम 5 करोड़ लघु और सीमांत किसानों को कवर करना है।
 
इस योजना के तहत आवेदन करने वाले किसानों के पास आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, किसान पासबुक और बैंक एकाउंट होना जरूरी है। जिसके पास उपर्युक्त चारों में से एक भी चीज कम होगी, उसे बनवाने के बाद ही पीएम किसान पेंशन योजना का वह पात्र हो सकेगा।
प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना के तहत लाभ पाने के लिए किसानों को हर महीने औसतन 100 रुपये का योगदान करना होगा। इस योजना को चुनने वाले किसानों को 60 साल की आयु पूरा होने पर हर महीने 3,000 रुपये पेंशन मिलेगी। इस कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) करेगा। इससे सरकारी खजाने पर 10,774.5 करोड़ सालाना बोझ पड़ेगा।
 
पीएम किसान पेंशन योजना के बारे में राज्य के कृषि मंत्रियों के साथ हुई बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए और सरकारें ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करवाएं। उन्होंने राज्यों से कहा है कि 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच के किसानों का पंजीकरण करवाएं। इस योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाएं। इस योजना में किसी भी शिकायत के समाधान के लिये ऑनलाइन निपटान प्रणाली होगी। 
 
बता दें कि यह योजना पीएम किसान सम्मान निधि योजना से अलग होगी जिसके तहत अब सभी किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, किसानों के लिए जिस नई पीएम किसान पेंशन योजना का भी एलान किया गया है, उससे देश के 14.5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। 
 
गौरतलब है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पिछले दिनों कहा था कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पैसा पहुंच चुका है और अभी तक इससे 12.5 करोड़ किसान कवर हो रहे थे तथा करीब 2 करोड़ किसान छूट रहे थे। लेकिन अब इस नई पीएम किसान पेंशन योजना के तहत सभी किसान इसके दायरे में होंगे। उन्होंने कहा था कि इस योजना पर पहले 75 हजार करोड़ खर्च होते, लेकिन अब 12 हजार करोड़ रुपये और बढ़ेगा खर्च। यानि कि अब 87 हजार करोड़ रुपये सालाना खर्च होगा। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से किसानों, छोटे व्यापारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा और उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। 
 
सच कहा जाए तो प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना के तहत मोदी सरकार ने कम इन्वेस्टमेंट के जरिए किसानों को भी एक उम्र के बाद एक निश्चित पेंशन पाने का मौका दिया है। मसलन, दूसरी नौकरियों की तरह अब किसानों को भी 60 साल की उम्र के बाद पेंशन मिल पाएगी। हालांकि, ये 3000 रुपये मासिक या सालाना मिलेंगे, इस बारे में सरकार द्वारा कुछ स्पष्ट नहीं बताया गया है। फिर भी उम्मीद है कि सरकार जो भी अवधि निर्धारित करेगी, उसमें कृषक हितों का ख्याल अवश्य रखेगी।
 
-कमलेश पांडे
(वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार)
 

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