बिना आधार कार्ड के आयकर रिटर्न नहीं सबमिट कर पाएंगे

बिना आधार कार्ड के आयकर रिटर्न नहीं सबमिट कर पाएंगे

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 25 2017 12:01PM

पाठकों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक व कंपनी सचिव श्री बी.जे. माहेश्वरी जी। श्री माहेश्वरी पिछले 33 वर्षों से कंपनी कानून मामलों, कर (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष) आदि मामलों को देखते रहे हैं। यदि आपके मन में भी आर्थिक विषयों से जुड़े प्रश्न हों तो उन्हें edit@prabhasakshi.com पर भेज सकते हैं।

 
प्रश्न-1. आपने इस कॉलम में उत्तर दिया था कि दवाइयों पर खर्च होने वाले पैसे को आयकर रिटर्न दाखिल करते समय क्लेम किया जा सकता है। मुझे शुगर है और सालाना लगभग तीस हजार रुपये दवाइयों पर खर्च हो जाते हैं क्या मैं इस पूरी रकम को क्लेम कर सकता हूँ? क्या मुझे इसके लिए सभी बिल रखने होंगे या डॉक्टर की प्रेसक्रिप्शन ही काफी है?
 
उत्तर- आयकर अधिनियम की धारा 80D के अंतर्गत दवाइयों पर किये जाने वाले खर्च की अधिकतम सीमा रुपये 30,000/- है। इसके अनुसार आप रुपये 30,000/- क्लेम कर सकते हैं, और आपको डॉक्टर का प्रेसक्रिप्शन और बिल दोनों संभालकर रखने होंगे।
 
प्रश्न-2. मैंने समाचार पढ़ा कि आयकर रिटर्न के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है? क्या इसके बिना हम अपना फॉर्म ऑनलाइन सबमिट नहीं कर सकेंगे?
 
उत्तर- जी हां, आयकर रिटर्न के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है, इसके बिना आप अपना फॉर्म ऑनलाइन सबमिट नहीं कर सकते।

प्रश्न-3. एक अप्रैल से क्या पंजाब नेशनल बैंक ने भी बचत खाते में होने वाली ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाया है?
 
उत्तर- पंजाब नेशनल बैंक ने अभी तक एक अप्रैल 2017 से बचत खातों के ट्रांजेक्शन पर लगाये जाने वाले शुल्क के बारे में कोई अनाउंसमेंट नहीं किया है।
 
प्रश्न-4. बैंकों ने तीन से ज्यादा ट्रांजेक्शन के बाद शुल्क लगाने की बात कही है। क्या यह तीन ट्रांजेक्शन जमा, निकासी को मिलाकर होंगे या फिर इन्हें अलग-अलग माना जायेगा। मैं यह भी जानना चाहता हूँ कि क्या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी इसी तीन में गिना जायेगा?
 
उत्तर- कुछ बैंकों ने अनाउंसमेंट किया है, लेकिन यह शुल्क 4 ट्रांजेक्शन के बाद लगेंगे। उदाहरण के लिए एचडीएफसी बैंक ने अनाउंस किया है जो कि एक मार्च से लागू होना था। इनमें निकासी व जमा दोनों गिने जायेंगे लेकिन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का समावेश नहीं होगा।
 
प्रश्न-5. आजकल व्हाट्सएप्प पर एक मैसेज मिल रहा है कि पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलवाने का एक और मौका आरबीआई दे रहा है क्या यह सही बात है?
 
उत्तर- पुराने 500/- और 1000/- के नोट बदलवाने के बारे में आरबीआई ने ऐसा कोई अनाउंसमेंट नहीं किया है। जैसा कि आपने whatsapp पर पढ़ा है।
 
प्रश्न-6. नगद में लेनदेन को दो लाख रुपये पर सीमित क्यों कर दिया गया? इससे ज्यादा की रकम पर नगद लेनदेन पर कितना जुर्माना लगेगा?
 
उत्तर- यह नया सरकारी नियम है और इसके अनुसार दो लाख से अधिक नगद लेन-देन में नगदी प्राप्त करने वाले को 100 प्रतिशत जुर्माना देना होगा।
 
प्रश्न-7. सिबिल स्कोर सुधारने के लिए क्या क्या किया जा सकता है?
 
उत्तर- सिबिल स्कोर सुधारने के लिए लोन और क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान समय पर करें।
 
प्रश्न-8. स्टार्टअप शुरू करने के लिए क्या सरकार की तरफ से कोई वित्तीय मदद मिलती है? यदि हाँ तो हमें कहां संपर्क करना चाहिए?
 
उत्तर- स्टार्टअप शुरू करने के लिए सरकार कोई सीधी मदद नहीं करेगी। इसके लिए सरकार ने शुरू में रुपये 2500 करोड़ प्रतिवर्ष (चार सालों में रुपये 10,000/- करोड़) का कॉर्पस बनाया है। यह मदद सेबी-रजिस्टर्ड वेन्यर फंड के द्वारा पहुंचायी जायेगी। वेन्यर फंड के बोर्ड में विभिन्न उद्योगों से प्रोफेशनल, सफल स्टार्ट-अप, उच्च शिक्षित लोग होंगे। ये वेन्यर फंड स्टार्ट-अप को अधिकतम 50 प्रतिशत तक की मदद देगा। स्टार्ट-अप में उत्पादन, कृषि, स्वास्थ्य एवं शिक्षा आदि का समावेश है।
 
प्रश्न-9. सामाजिक ट्रस्ट के गठन में कितना खर्च आता है और लोगों से वित्तीय मदद हासिल करने के लिए 80जी के तहत आयकर छूट कैसे हासिल की जा सकती है?
 
उत्तर- सामाजिक ट्रस्ट के गठन के लिए होने वाले खर्च के लिए अपने सीए से संपर्क करें। 80 G प्राप्त करने के लिए निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।
 
1. फॉर्म 10 A (भरा हुआ) सेक्शन 12 A के अंतर्गत रजिस्टर करने हेतु।
2. फार्म- 10 G (भरा हुआ) सेक्शन 80 G के अंतर्गत रजिस्टर करने हेतु।
3. सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्टेशन और एमओरए/ट्रस्ट-डीड (दो प्रतियां-एनजीओ द्वारा स्वयं सत्यापित)।
4. पंजीकृत कार्यालय जहां है वहां के लैंडलॉर्ड की एनओसी।
5. एनजीओ का PAN कार्ड।
6. बिजली बिल/हाउस टैक्स रसीद/पानी का बिल (फोटो कॉपी)।
7. शुरू करने से अथवा पिछले तीन साल में किये गये कल्याणकारी कार्यों की पुष्टि करने वाले कागज-पत्र।
8. शुरू से अथवा पिछले तीन सालों का बही खाता और आईटीआर।
9. दाताओं के पते एवं PAN नंबर।
10. ट्रस्ट के ट्रस्टियों के नाम एवं कान्टैक्ट नंबर।
11. मूल (original) पंजीकृत प्रमाण पत्र और एमओऐ जांच के लिए।
12. एनजीओ के पक्ष में अथॉरिटी लेटर।
13. और कोई दस्तावेज जो आयकर विभाग मांग ले।
 
प्रश्न-10. एफडी मैच्योर होते समय बैंक उस पर टैक्स काट लेते हैं उसके बाद भी क्या हमें आयकर रिटर्न में इस पर टैक्स देना होगा?
 
उत्तर- एफडी पर हुई ब्याज की आय को आपको अपने आयकर रिटर्न में आय में शामिल करना होगा और आपकी उस कुल आय पर देय टैक्स में से बैंक द्वारा काटे गये टैक्स को घटाकर बाकी का टैक्स देना होगा।
 
नोटः कर से जुड़े हर मामले चूँकि भिन्न प्रकार के होते हैं इसलिए संभव है यहाँ दी गयी जानकारी आपके मामले में सटीक नहीं हो इसलिए अपने विशेषज्ञ की सलाह भी ले लें।

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप


Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.