क्या इंग्लैंड में 1992 का इतिहास दोहरा पाएगा पाकिस्तान ?

क्या इंग्लैंड में 1992 का इतिहास दोहरा पाएगा पाकिस्तान ?

दीपक मिश्रा | May 25 2019 12:17PM
इंग्लैंड में खेले जाने वाले वर्ल्ड कप में अब कुछ ही दिनों का वक्त बच गया है। विश्व भर की टीमें इस बार इतिहास रचने के लिए तैयार है। इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों की तरह पाकिस्तान भी विश्व कप पर कब्ज़ा जमाना चाहता है। पाकिस्तान इन दिनों इंग्लैंड में है ओर वर्ल्ड कप से पहले मेजबान टीम के खिलाफ सीरीज खेल रहा था जहाँ उन्हें हर का सामना करना पड़ा। वैसे तो पाकिस्तान का विश्व कप से कुछ समय पहले इंग्लैंड की सरजमीं पर सीरीज खेलने का फैसला शानदार था। लेकिन बीते कुछ दिनों के अपने प्रदर्शन को देखकर पाकिस्तान की चिंता जरूर बढ़ गई होगी। वैसे पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने इस सीरीज में जमकर रन बनाए हैं। टीम ने तीन मुकाबलों में 300 से ज्यादा रनों का स्कोर खड़ा किया लेकिन उन्हें हर बार हार का सामना करना पड़ा। इन सब में टीम की वर्ल्ड कप से पहले कई खामियां निकल कर बाहर सामने आई है। टीम की गेंदबाजी बेहद औसत दर्जे की है और फील्डिंग औसत से भी नीचे की है। इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद टीम के कोच मिकी आर्थर तक का मानना था कि “टीम की फील्डिंग बहुत ही निराशाजनक रही है। दोनों टीमों के बीच काफी बड़ा अंतर था साउथैम्पटन और नॉटिंघम में आखिरी पांच ओवर में खेल किसी की भी तरफ जा सकता था। हमने अच्छी प्रतिद्वंद्विता की थी। एक जो सबसे बड़ा अंतर था, वो हमारी फील्डिंग थी और ये मेरे लिए असली चिंता की बात है।”
जाहिर है टीम के इस प्रदर्शन और कोच की बातों से इक्तिफाक रखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बेहद चौकाने वाला फैसला लिया और वर्ल्ड कप की टीम में बदलाव कर तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आमिर और वहाब रियाज को टीम में चुन लिया गया। वैसे तो ये फैसला थोड़ा अजीब लगता है लेकिन दोनों खिलाड़ियो के अनुभव को देखते हुए ऐसा किया गया। हालांकि दोनों ही खिलाड़ी इस समय फॉर्म में नही है लेकिन ये क्रिकेट की पिच पर क्या कुछ कर सकते है इसे पूरी दुनिया अच्छे से जानती है। अब सवाल यह है कि क्या क्रिकेट के इस महाकुम्भ में पाकिस्तान अपना 1992 वाला इतिहास दोहरा पायगा। क्या इस रणयुद्ध में सरफराज अहमद की कप्तानी में पाकिस्तान जीत हासिल कर पायेगी। साफ है सवाल काफी है क्योंकि पाकिस्तान को अपना पहला मुकाबला विंडीज़ के साथ खेलना है। 31 मई को दोनों टीम आपस में टकराएगी। क्या इस पाकिस्तान की टीम में इतनी काबिलियत है जो दुनिया जीत ले या फिर इन्हें इंग्लैंड से खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा।
 
बल्लेबाज बने पाकिस्तान के जीत की नए उम्मीद !
अगर इतिहास पर नज़र डालें तो पाकिस्तान की जीत में अगर सबसे ज्यादा योगदान किसी का रहा है तो वो काम सिर्फ गेंदबाजों ने किआ है। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। इस बार पाकिस्तान टीम की बल्लेबाजी मजबूत दिखाई दे रही है। टीम का टॉप आर्डर काफी मजबूत है। इमाम उल, फखर ज़मान और बाबर आजम के रूप में टीम के पास ऐसा मजबूत टॉप आर्डर है जो इंगलैंड कि पिच पर तबाही मचा सकता है। ये तीनो बल्लेबाज लगातार रन बना रहे है और इंगलैंड के खिलाफ सीरीज में इनका प्रदर्शन इन्हें ओर ज्यादा आत्मविश्वास दे रहा होगा। इसके अलावा टीम में शोएब मलिक ओर सरफराज अहमद के रुप में मिडिल आर्डर में काफी अनुभव है जो पाकिस्तान के काम आ सकता है। हालांकि टीम के लिए परेशानी का मुद्दा निचले क्रम में किसी पावर हिटर का नहीं होना है जो आखिरी के ओवर्स में रनों की रफ्तार को बढ़ाने के लिए मुश्किल है। वैसे टीम की बल्लेबाजी काफी मजबूत है और उम्मीद है की इस बार पाकिस्तान के बल्लेबाज जीत की इबारत लिखेंगे।
गेंदबाज बनाएंगे पाकिस्तान को चैंपियन ?
इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की गेंदबाजी काफी औसत दर्जे की दिखाई दी है। टीम में कोई भी ऐसा गेंदबाज नही था जिसने अच्छे प्रदर्शन से उम्मीद बढ़ाई हो। लेकिन अब पाकिस्तान की टीम में आमिर और रियाज़ के रूप में अनुभव है। ये दोनों गेंदबाज दुनिया के किसी भी टीम को अकेले ही धराशायी कर सकते है। वहाब के लिए बात 2011 वर्ल्ड कप में हो या 2015 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ फेका गया शानदार स्पेल उनकी जरूरत बयान करता है। वैसे भी इंग्लैंड की पिच पर वर्ल्ड कप में रिवर्स स्विंग की उम्मीद रहती है और वहाब वहाँ टीम के लिए फायदे का सौदा हो सकते है। इसके अलावा अगर बात आमिर के बारे में की जाए तो 2017 चैंपियंस ट्रॉफी का मैच अभी भी सबको याद होगा। हालांकि आमिर भी फॉर्म में नहीं है लेकिन बड़े टूर्नामेंट में वो बड़े खिलाड़ी बन टीम की नैय्या जरूर पार लगा सकते है। इसके अलावा शाहीन अफरीदी जैसे युवा गेंदबाज भी जीत में बड़ी भूमिका निभाने का दम रखते है। उम्मीद है इस बार पाकिस्तान दबाव वाले मैच में बिखरने से बचेगा और शानदार प्रदर्शन करेगा।
 
- दीपक मिश्रा
 

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