आखिर क्यों सीएसके बन सकती हैं आईपीएल-12 की चैंपियन?

आखिर क्यों सीएसके बन सकती हैं आईपीएल-12 की चैंपियन?

दीपक कुमार मिश्रा | Mar 28 2019 12:21PM
आईपीएल का रोमांच इस समय भारत के हर घर में पहुंचने लगा है। मनोरंजन का बाप कहे जाने वाला फटाफट क्रिकेट का ये प्रारूप हर मैच के साथ लोगों को लुभाता है। आईपीएल के मैच में हर वो चीज मौजूद होती है, जो एक भारतीय को चाहिए होती है। आईपीएल के मैचों में एक्शन, थ्रिल और रोमांच बराबर मात्रा में मौजूद होता है, जिसे चाहकर भी क्रिकेट प्रेमी अपना ध्यान नहीं हटा पाते है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आईपीएल का मेला लग चुका है। तमाम टीमें खिताब जीतने के लिए अपना सारा दमखम लगा चुकी है। जहां सभी खिलाड़ी तैयार है वहीं हर टीम का सपोर्ट स्टाफ भी युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को साथ लेकर इस टूर्नामेंट को जीतना चाहता है। वैसे तो आईपीएल में 8 टीमें हिस्सा लेती है। लेकिन इन सब के बीच धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपरकिंग्स एक ऐसी टीम है। जिसका स्टारडम ही कुछ अलग है। इस टीम में हर वो चीज है जो एक बॉलीवुड फिल्म में होता है। इस फिल्म में हीरो है, इस फिल्म में हार का जीतने का बाजीगर वाला स्टाइल मौजूद है। इस टीम में वापसी कर हर वो ट्रॉफी जीतने का माद्दा है, जो इसे दूसरी टीमों से अलग बनाता है। वहीं सबसे अलग इस टीम की फैन फोलोविंग है, जिसके लिए उसके फैंस ही सबसे बड़ी ताकत है।
जाहिर है आईपीएल 2019 की शुरूआत हो चुकी है। पिछले साल की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने इस बार भी जीत के साथ शुरूआत की है। अपने पहले मैच में रॉयल चैंलेजर बैंगलौर को रौंदने के बाद दिल्ली कैपिटल्स को घर में घुसकर हराना इस टीम के ताकत की कहानी बयां करता है। यह टीम बल्लेबाज, गेंदबाजी से लेकर हर विभाग में मजबूत है। वहीं जब धोनी जैसा कप्तान होते ही इस टीम में चार चांद लग जाते है। इस टीम ने इस साल अपना पहला मुकाबला जीता है, और इतिहास गवाह है कि जब भी आईपीएल के किसी सीजन के पहले मैच में सीएसके ने जीत हासिल की है। उस वर्ष खिताबी जीत का सहरा धोनी ब्रिगेड के सर पर ही बंधा है। 
आईपीएल 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स ने रचा था इतिहास
 
साल 2011 के आईपीएल में पहला मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स और कोलकाता नाइट राईडर्स के बीच हुआ था। इस मैच में टिम साउदी के आखिरी ओवर में शानदार गेंदबाजी के दम पर सीएसके ने 2 रन से शुरूआती मुकाबला अपने नाम कर लिया था। इस जीत के बाद तो मानों उस सीजन में चेन्नई ने थमने का नाम नहीं लिया। चेन्नई के चेपाक मैदान पर धोनी की टीम ने अपने सभी मुकाबले जीते और लीग मुकाबले खत्म होने तक यह टीम टेबल में टॉप टीमों में दूसरे नंबर पर थी। चेन्नई का मुकाबला इसके बाद पहले क्वालीफायर में आरसीबी से हुआ। उसके बाद टीम ने जीत हासिल करते हुए फाइनल का सफर तय किया। इस बीच आरसीबी दूसरे क्वालीफायर में मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत हासिल कर फाइनल में सीएसके से बदला लेने को तैयार थी। हालांकि आरसीबी की खिताब जीतने का सपना धोनी के सामने पस्त पड़ गया। चेन्नई ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 202 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। सीएसके के सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने 52 गेंदों में शानदार 95 रन की पारी खेली। चेन्नई के इस स्कोर के सामने आरसीबी पूरी तरह से बिखर गई और 20 ओवर में 147 रन ही बना पाई। सीएसके इस मैच को 58 रन से जीतने के साथ ही टूर्नामेंट भी अपने नाम कर चुकी थी। यह आईपीएल के इतिहास का पहला मौका था जब किसी टूर्नामेंट के पहले मैच को जीतने वाली टीम ने उसी टूर्नामेंट का आखिरी मुकाबला अपना नाम किया था।
 
2018 में सीएसके ने तीसरी बार जमाया आईपीएल खिताब पर कब्जा
 
दो वर्षों के प्रतिबंध के बाद सीएसके ने आईपीएल में वापसी की। इस टीम के प्रशंसकों के लिए यह एक भावुक पल था। इस टीम के फैंस पिछले दो सालों की दूरी आईपीएल की ट्रॉफी के साथ चाहते थे। दरअसल चेन्नई के लिए 2018 आईपीएल की कहानी एक सुनहरे सफर की तरह रहा। धोनी ब्रिगेड ने आईपीएल-11 का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेला। इस मैच में ड्वेन ब्रावो के शानदार 30 गेंदों में 64 रन की बदौलत चेन्नई ने अपना पहला मुकाबला जीत लिया। सीएसके का इस मैच के बाद प्रदर्शन काफी शानदार रहा। चेन्नई ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त खेल दिखाया और जीत हासिल की। सीएसके ने सीजन में 14 लीग मैचों में 9 में जीत हासिल की और टूर्नामेंट के टेबल में दूसरे नंबर पर रही। इसके बाद क्वालीफायर मुकाबले में सीएसके ने सनराईजर्स हैदराबाद को मात दी। इसके बाद फाइनल में भी चेन्नई का मुकाबला सनराईजर्स हैदराबाद के साथ ही हुआ। हैदाराबाद ने फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए सीएसके को 179 रनों का लक्ष्य दिया। इसके जवाब में चेन्नई ने शेन वॉटसन के 57 गेंदों में नाबाद 117 रनों की बदौलत मैच जीत लिया। वहीं सीएसके ने तीसरी बार आईपीएल खिताब पर भी कब्जा जमाया। चेन्नई के लिए ये जीत किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं थी। पिछले दो सालों का बैन इस टीम के खिलाड़ियों के सीने में आग की तरह लहरा रहा था। जिसका बदला टीम ने टूर्नामेंट जीत कर निकाला। उम्मीद है इस बार सीजन का पहला मैच जीतने के बाद सीएसके टूर्नामेंट भी अपने नाम करेगी और प्रशंसकों को जबरदस्त तोहफा देगी। 
 
दीपक कुमार मिश्रा
 

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