भारत-पाक क्रिकेट मैच: जब गेंद और बल्ले की बजाए आपस में भिड़ गए खिलाड़ी

भारत-पाक क्रिकेट मैच: जब गेंद और बल्ले की बजाए आपस में भिड़ गए खिलाड़ी

अंकित सिंह | Jun 14 2019 1:47PM

आईसीसी किक्रेट विश्व कप 2019 का महायुद्ध जारी है पर भारतीय दर्शकों को 16 जून का इंतजार है। 16 जून को इस विश्व कप का महामुकाबला खेला जाएगा जब भारत अपने पडोसी मुल्क पाकिस्तान से भिड़ेगा। क्रिकेट फैंस के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच का मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं होता और अगर मुकाबला विश्व कप में हो तो यह सोने पर सुहागा हो जाता है। अब तक हुए विश्व कप में भारत और पाक छह बार आमने-सामने हुए हैं और सभी मौकों पर भारतीय टीम के जांबाजों ने पाक को धूल चटाई है। 1992 से लेकर 2015 तक के विश्व कप में भारत-पाकिस्तान का आमना-सामना हुआ है। इतना ही नहीं, टी20 विश्व कप में भी भारत-पाक के बीच पांच मुकाबले खेले गए हैं और पांचों मुकाबले भारत ने जीते हैं। 2007 के पहले टी20 विश्व कप के फाइलन मुकाबले में  भारत पाकिस्तान को ही मात देकर विश्व विजेता बना था। 

 
दोनों देशों के बीच अब तक 59 टेस्ट मैच, 131 वनडे और 8 टी20 मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से भारत ने क्रमश: 9, 56 और 6 जीते हैं। भले ही द्विपक्षीय श्रृंखला में पाक बराबरी पर रहता हो पर आईसीसी के मुकाबलों में दबदबा भारत का ही होता है। दोनों देशों के संबधों में उतार-चढ़ाव होने की वजह से भारत-पाक के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला कम ही होती हैं। लेकिन आईसीसी मुकाबलों में भारत-पाक के बीच मैच होता है और फैंस में इसका खुमार जोरों पर रहता है। खुद दोनों टीम के खिलाड़ी भी मानते हैं कि भारत-पाक मुकाबले का एक अलग क्रेज रहता है और इस वजह से उन्हें अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ता है। भारत-पाकिस्तान के बीच जब-जब मुकाबले हुए हैं जीतने वाली टीम के यहां जश्न का माहौल रहता है तो हारने वालों के यहां से टीवी तोड़ने की खबर आती है। इसी वजह से भारत-पाक मुकाबले को किसी युद्ध से कम नहीं समझा जाता। दोनों देशों की जनता का अपने खिलाड़ियों से यही कहना होता है कि कप लाओ या ना लाओ पर विरोधी को हराकर जरूर आओ। 
भारत और न्यूजीलैंड के बीच का मैच बारिश के कारण रद्द हो जाने के बाद से फैंस को इस मैच का बेसब्री से इंतजार है। 16 जून को मैनचेस्टर में भारत-पाक का मुकाबला होगा जिसे क्रिकेट की भाषा में हाई टेंशन मैच भी कह सकते है। दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में कई ऐसे मौके आए है जब खिलाड़ियों का सब्र टूटा है और जुबानी जंग देखने को मिली है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही पांच किस्से बता रहे हैं जब खिलाडियों के बीच गरमा-गरम बहस देखने को मिली है। 
पहला- बात 1986-87 की है जब पाकिस्तान भारत दौरे पर आया था और एक मैच के दौरान अमरनाथ ने जावेद मियादांद के खिलाफ एक जोरदार अपील की थी। अमरनाथ की इस अपील से झल्लाए मियांदाद ने भारत को लेकर कुछ अपशब्द कह दिया। जिसके बाद अमरनाथ ने भी पलटवार किया और उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ा गए। शांति से मियांदाद के पास जाकर अमरनाथ ने कहा कि आपको जो कहना है मुझे कहिए मगर मैं अपने देश की खिलाफ कुछ भी नहीं सुन सकता जिसके बाद मियांदाद को माफी मांगनी पड़ी थी। इस घटना का उल्लेख खुद मियांदाद ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में किया है। 
दूसरा: 1992 विश्व कप में भारत पाक मैच के दौरान भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे पाक बल्लेबाजों के खिलाफ उछल-उछल कर लगातार अपील कर रहे थे। इस अपील से चिढ़ कर जावेद मियांदाद ने बीच मैदान में ही मोरे की नकल उतारनी शुरू कर दी और बंदरों की तरह बल्ला उठाकर छलांग लगाने लगे। मीडिया ने इस घटना का "जंपिंग जावेद" के नाम से उल्लेख किया गया जिसकी चर्चा आज भी होती है। 
तीसरा: विश्व कप 1996 के दैरान भारत-पाक के बीच बैंगलोर में एक मुकाबला खेला जा रहा था। पाकिस्तान काफी मजबूती से उस मुकाबले को खेल रहा था और एक विकेट के नुकसान पर 113 रन बना लिए थे। तभी पाक बल्लेबाज सोहेल ने वेंकटेश प्रसाद की एक गेंद पर चौका लगाने के बाद उनकी तरफ इशारा करते हुए कहा कि जाओ तथा गेंद उठा के लाओ और हो सके तो बाउंड्री के बाहर ही बैठ जाना क्योंकि तुम वहीं सही हो। इस बयान से तिलमिलाए प्रसाद ने अगली ही गेंद पर सोहेल को क्लीन बोल्ड कर दिया और स्टैंड्स की तरफ इशारा करते हुए कहा जाओ वहां जाकर बैठो। 
चौथा: 1997 में सहारा कप का एक मैच टोरेन्टो में भारत-पाक के बीच खेला जा रहा था। इस मैच में एक समय ऐसा आया जब पाक कप्तान इंजमाम उल हक सीमा रेखा के पास फील्डिंग कर रहे थे और तभी एक भारतीय फैंस ने उन्हें आलू-आलू कह कर चिढ़ाया। इंजमाम मोटे थे अत: उन्हें यह काफी बूरा लगा और वह आग बबूला हो बल्ला लेकर फैंस को पीटने के लिए स्टैंड्स की तरफ दौड़े हालांकि सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। इस घटना के बाद इंजमाम पर दो मैचों का बैन लगा। 
पांचवा: गौतम गंभीर और शाहिद अफरीदी को एक दूसरे का कट्टर दुश्मन माना जाता है। उनके बीच आज भी कभी ट्वीटर तो कभी मीडिया के जरिए वाद-विवाद हो ही जाता है। एक बार दोनों बीच मैदान में ही भिड़ गए। हुआ यह था कि भारत पाकिस्तान के साथ 2007 में कानपुर में एक मुकाबला खेल रहा था और जैसे ही गौतम गंभीर ने शाहिद अफरीदी की गेंद पर चौका मारा, वह आग बबूला हो गए और दोनों के बीच शब्दों को लेकर गरमा-गरमी शुरू हो गई। इस घटना के बाद अगली ही गेंद पर गंभीर एक सिंगल चुरा रहे थे और रास्ते में अफरीदी आ गये। फिर क्या, दोनों के बीच एक बार फिर जबरदस्त बहस शुरू हो गई। अंपायरों ने मामले को शांत करवाया।    

अंकित सिंह
 
 

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