इमरान की बात मानकर क्या इतिहास बनाने में कामयाब हो जाते सरफराज!

इमरान की बात मानकर क्या इतिहास बनाने में कामयाब हो जाते सरफराज!

अभिनय आकाश | Jun 17 2019 4:22PM

जोश, रोमांच और भावनाओं के तूफान की घड़ी जब आमने-सामने थे भारत और पाकिस्तान और धड़कनों का था इम्तिहान। विश्व विजय का सपना लिए मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में कोहली बिग्रेड विराट विजय के इरादे से सरफराज की टीम से भिड़ी। विश्व कप में भारत के हाथों अपनी हार वाली बीमारी का इलाज ढूढंने के इरादे से उतरी पाक टीम को इस बार भी निराशा हाथ लगी। वैसे तो भारत और पाकिस्तान के बीच 132 एकदिवसीय मुकाबले हुए हैं जिसमें पाकिस्तान ने 73 मैचों में जीत दर्ज की है वहीं भारत ने 56 मैचों में फतह हासिल किया है। लेकिन क्रिकेट कि जंग में विश्व कप शब्द जुड़ते ही पाकिस्तान की सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने खिलाड़ियों को भारत से बिना डरे खेलने की नसीहत भी दी लेकिन इस बार भी पाकिस्तान के हिस्से पराजय ही आई। भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व कप में अभी तक सात मुकाबले हुए हैं जिसमें हर बार टीम इंडिया जीती है। 1992 के विश्व कप से शुरु हुआ भारत का विजय क्रम 2019 तक बरकरार है। 

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1992 में सिडनी में भारत ने पाकिस्तान को 43 रनों से शिकस्त देने का सिलसिला शुरु किया था। 1996 में बेंगलुरु में 39 रनों की जीत और 1999 के मैनचेस्टर में भी वो कायम रहा। 2003 में भारत ने पाकिस्तान को सेंचुरियन में 6 विकेट से मात दी तो 2011 के विश्व कप के मुकाबले में 29 रनों से मोहाली में शिकस्त दी। 2015 में एडिलेड में 76 रनों को भारी जीत को 2019 में 89 रनों की जीत से छोटा कर दिया। 2007 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान, दोनों ही टीमें विश्व कप के पहले ही दौर में बाहर हो गई थीं। हालांकि मैच पर बारिश का साया मंडराने से भारतीय फैंस ये मनाने में लगे रहे कि आसमान मेहरबान रहे पर दो बार की बारिश भी पाकिस्तान को हार की फजीहत से बचा नहीं पाई। प्रदर्शन के लिहाज से बात करें तो यह विश्व कप का सबसे बड़ा मुकाबला नहीं था लेकिन फैंस के जोश, रोमांच और भावनाओं के ज्वार ने इसे हाई-प्रोफाइल की श्रेणी में ला खड़ा कर दिया था।

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सुपरहिट मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया। मैदान पर उतरी रोहित शर्मा और केएल राहुल की सलामी जोड़ी ने 136 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप करके पाकिस्तान कप्तान के इस फैसले को गलत साबित कर दिया। केएल राहुल ने 69 गेंदों पर वर्ल्ड कप का अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। वहीं रोहित शर्मा ने अपना 24वां एकदिवसीय शतक पूरा किया। कप्तान कोहली कहां पीछे रहने वाले थे, पहले तो उन्होंने 51वां पचास जड़ा और अपने 230वें मैच की 222वीं पारी में सबसे तेजी से 11 हजार रनों तक पहुंचने का मुकाम भी हासिल किया। विराट इस मुकाम पर पहुंचने वाले तीसरे भारतीय बने। उनसे अधिक रन सचिन तेंदुलकर (18426) और सौरव गांगुली (11363) ने ही बनाए हैं। विश्व पटल पर 11 हजार रन पूरे करने वाले कोहली 9वें बल्लेबाज हैं। लेकिन अपने लय में दिख रहे कोहली के साथ 48वें ओवर में एक अजीबो-गरीब घटना घटती है जब विराट कोहली बिना आउट हुए ही पवेलियन लौट जाते हैं। दरअसल,  गेंद और उनके बल्ले का संपर्क नहीं हुआ था लेकिन उन्हें कुछ आवाज सुनाई दी और लगा कि वो आउट हो गए. इसके बाद उन्होंने अंपायर के फैसले का इंतजार नहीं किया और ड्रेसिंग रूम में लौट गए।

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कोहली को यकीन था कि गेंद उनके बल्ले से लगकर गई है इसलिए वह अंपायर के फैसले का इंतजार किए बिना बाहर चल दिए। हालांकि बाद में जब विराट कोहली ने ड्रेसिंग रूम में रीप्ले देखा तो उन्हें पता चला कि अल्ट्राएज पर बल्ले का किनारा लगने का कोई संकेत नहीं था। बाद में विजय शंकर और केदार यादव भारतीय पारी को आगे लेकर गए और पाकिस्तान को 337 रनों का लक्ष्य दिया। जिसका पीछा करने उतरी पाकिस्तान की सलामी जोड़ी को विजय शंकर ने झटका दिया। वर्ल्ड कप में करियर की पहली गेंद पर विजय शंकर ने विकेट लिया। लेकिन भारत को भी एक झटका लगा और भुवनेश्वर कुमार पैर में दिक्कत की वजह से मैदान से बाहर हो गए। बाद में फखर जमान और बाबर आजम ने पाकिस्तान की पारी को संभाला लेकिन चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने पाकिस्तान को मुश्किल में डाल दिया। जिसके बाद पाकिस्तान फिर से उबर नहीं पाया। रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी और बारिश के बाद पाकिस्तान को डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 5 ओवर में 136 रन बनाने का लक्ष्य मिला।  लेकिन इसे हासिल करने नाकाम रही पाकिस्तान को आखिरकार 89 रनों से हार का सामना करना पड़ा।

- अभिनय आकाश

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