कैमरे से खींचे सच की तस्वीरें, चुनें फोटो जर्निलज्म में अपना कॅरियर

कैमरे से खींचे सच की तस्वीरें, चुनें फोटो जर्निलज्म में अपना कॅरियर

वरूण क्वात्रा | Apr 23 2019 4:32PM
पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जो बेहद व्यापक है। इसमें लोगों तक सच्चाई को पहुंचाने के लिए कई तरह की तकनीकों का सहारा लिया जाता है। इन्हीं में से एक है तस्वीरें। कहते हैं कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होता है। तस्वीरों के जरिए न सिर्फ सच्चाई को बयां किया जाता है, बल्कि घटित घटना या स्थान के विजुअल्स भी लोगों तक पहुंचते हैं। पत्रकारिता की इस धारा को फोटोजर्निलज्म कहा जाता है। कुछ समय पहले जहां इसे केवल फोटोग्राफी तक ही सीमित रखा जाता था, वहीं आज के युग में फोटोजर्निलस्ट समाचार या फीचर आइटम के लिए वीडियो भी शूट करते हैं। अगर आप भी चित्रों के माध्यम से लोगों तक खबरें पहुंचाना चाहते हैं तो बतौर फोटो जर्निलस्ट बनकर अपना भविष्य बना सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में−
स्किल्स
इस क्षेत्र में रूचि रखने वाले लोगों को सबसे पहले तो बेहतरीन फोटोग्राफी व वीडियो शूटिंग करना आना चाहिए। इस क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान की काफी आवश्यकता होती है और उसकी गहन जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त व्यक्ति में रचनात्मकता, स्थित किो बेहतरीन तरीके से आब्जर्व करना, जिज्ञासु होना चाहिए। साथ ही उसके भीतर दबाव में, विपरीत परिस्थितियों में तथा लंबे समय तक काम करने की क्षमता होनी चाहिए। आज के समय में हर दिन तकनीक में बदलाव होता रहता है, इसलिए उसे मॉडर्न गैजेट्स जैसे डिजिटल कैमरा व लेटेस्ट सॉफटवेयर से भी अपडेट रहना चाहिए।

क्या होता है काम
एक फोटो जर्निलस्ट का मुख्य कार्य न्यूज स्टोरी व आर्टिकल के लिए फोटो उपलब्ध करवाना होता है। वह फोटो खींचने के साथ−साथ फोटो शूट, फोटो एडिटिंग व ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे काम भी करते हैं। कई बार उन्हें कई−कई घंटे लगातार काम करना होता है। इतना ही नहीं, काम के दौरान विषम समय या फिर घर से दूर जाकर भी काम करना पड़ता है। इतना ही नहीं, एक ब्रेकिंग न्यूज स्टोरी को पकड़ने के लिए एक कॉल पर उपलब्ध होना इस क्षेत्र की जरूरत है।
योग्यता
फोटो जर्निलज्म के क्षेत्र में भविष्य देख रहे छात्र 12वीं के बाद जर्निलज्म या मास मीडिया में बैचलर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। वैसे आप चाहें तो बैचलर डिग्री के बाद जर्निलज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर सकते हैं। वैसे आजकल बहुत से संस्थान 12वीं के बाद फोटोजर्निलज्म का एक वर्ष का सर्टिफिकेट कोर्स भी करवाते हैं।
 
इस कोर्स के दौरान रिपोर्टिंग से लेकर कैमरा ऑपरेशन, लाइटिंग, डिजिटल इमेजिंग, विडियो कैप्चर, कंप्यूटर बेस्ड इमेज प्रोसेसिंग आदि सिखाया जाता है।
 
संभावनाएं
आज के डिजिटल युग में फोटो जर्निलस्ट के लिए काम की कोई कमी नहीं है। वह प्रिंट से लेकर डिजिटल मीडिया में अपने लिए संभावनाएं तलाश सकता है। वैसे आप चाहें तो किसी एक क्षेत्र में स्पेशलाइज्ड तरीके से भी काम कर सकते हैं जैसे आपराधिक फोटो पत्रकार, प्राकृतिक आपदा फोटो पत्रकार, राजनीतिक फोटो पत्रकार, स्पोर्टस फोटो जर्निलस्ट, फैशन या फिल्म फोटो जर्निलस्ट आदि। वैसे अखबार, पत्रिकाओं या टीवी के अतिरिक्त फोटो जर्निलस्ट को कई बार व्यवसायों या व्यक्तियों द्वारा किसी घटना या विज्ञापन के लिए फोटो लेने के लिए भी काम पर रखा जाता है। इसके अतिरिक्त टीवी या वेबसाइट के लिए भी फ्रीलांस फोटोजर्निलस्ट की मांग हमेशा बनी रहती है। जो लोग किसी एक मीडिया हाउस से जुड़कर काम नहीं करना चाहते, उनके लिए फ्रीलासिंग एक अच्छा ऑप्शन है। इतना ही नहीं, एक फोटो जर्निलस्ट खुद का ऑनलाइन या प्रिंट पब्लिकेशन भी शुरू कर सकता है।
आमदनी
एक फोटो जर्निलस्ट की आमदनी इस बात पर निर्भर करती है कि वह कंपनी में किस पोजिशन पर है। वैसे शुरूआती दौर में एक फोटो जर्निलस्ट की सैलरी 12000 से 15000 के बीच होती है। वहीं अनुभव बढ़ने के बाद सैलरी 25000 से 30000 के बीच तक होती है। वहीं अगर आप न्यूजपेपर या एजेंसी के लिए फ्रीलासिंग करते हैं तो आमदनी आपको मिलने वाले प्रोजेक्ट पर निर्भर करेगी।
 
प्रमुख संस्थान
उड़ान स्कूल ऑफ फोटोग्राफी, मुंबई
लाइट एंड लाइफ एकेडमी, तमिलनाडु
श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी, आंध्रप्रदेश
जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
एकेडमी ऑफ फोटोग्राफिक एक्सीलेंस, नई दिल्ली
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद
इंदौर प्रोफेशनल स्टडीज एकेडमी, इंदौर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश
एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन, नोएडा
श्री राम कॉलेज, उत्तरप्रदेश
विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, नई दिल्ली
 
- वरूण क्वात्रा

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